'सबसे ज्यादा करोड़पति और अपराधी मेयर भाजपा के, चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशियों ने बहाए खूब पैसे'
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यूपी में नवनिर्वाचित महापौरों में से 80 प्रतिशत करोड़पति हैं। 27 प्रतिशत के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं। ऐसे सभी मेयर भाजपा के टिकट पर जीते हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) व यूपी इलेक्शन वाच ने यह दावा किया है। दोनों एजेंसियों ने चुनाव में दाखिल शपथपत्र में दी गई जानकारी के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है।
इलेक्शन वाच के मुख्य समन्वयक संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि निकाय चुनाव में आचार संहिता का जमकर उल्लंघन हुआ। प्रत्याशियों ने खूब पैसे बहाए और कई स्थानों पर उन्हें लाभ भी हुआ। कई ऐसे थे जो खूब पैसा खर्च करने के बाद भी हार गए।
झांसी में बिरयानी बांटने वाले प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा जबकि आगरा में लंगर लगाने वाले प्रत्याशी की जीत हुई। मुरादाबाद में मूर्तियां बांटने वाले प्रत्याशी जीत गए और लखनऊ में घड़ी बांटने वाले हार गए।
उन्होंने बताया कि चुनाव जीतने वाले 80 प्रतिशत मेयर करोड़पति हैं। इस बार शहरी वोटरों ने पढ़े-लिखे प्रत्याशियों को जिताने में दिलचस्पी दिखाई। हाईस्कूल या उससे कम शिक्षित कोई भी व्यक्ति मेयर का चुनाव नहीं जीता है।
'कई शहरों में 40 प्रतिशत से कम मतदान'
संजय ने बताया कि शहर के वोटरों ने इस चुनाव में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। कई शहरों में 40 प्रतिशत से कम मतदान हुआ। रही-सही कसर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी से पूरी हो गई। एडीआर-इलेक्शन वाच ने 15 महापौरों का विश्लेषण किया है।
गाजियाबाद के मेयर का हलफनामा नहीं मिल सका, जिसकी वजह से उनकी संपत्तियों और आपराधिक रिकॉर्ड का विवरण उपलब्ध नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि 15 में से चार मेयरों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इलाहाबाद की मेयर अभिलाषा पर तीन गंभीर धाराओं समेत कुल दो मुकदमे दर्ज हैं।
आगरा के मेयर नवीन कुमार पर चार केस हैं जिसमें से दो गंभीर धाराओं में दर्ज हैं। कानपुर नगर की मेयर प्रमिला पांडेय और अयोध्या से पहली बार मेयर बने ऋषिकेष पर भी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। अलीगढ़ व मेरठ में बसपा के मेयर जीते हैं। इन दोनों के खिलाफ एक भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है।
सबसे धनी हैं आगरा के मेयर
संजय ने बताया कि चुनाव जीतने वाले 80 प्रतिशत मेयर करोड़पति हैं। सबसे धनी आगरा के मेयर नवीन कुमार हैं जिनके पास 409 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। दूसरे नंबर पर इलाहाबाद की अभिलाषा गुप्ता हैं जिनके पास 58 करोड़ की संपत्ति है।
लखनऊ की संयुक्ता भाटिया और गोरखपुर से चुने गए सीताराम जायसवाल के पास 8-8 करोड़ की संपत्ति है। अलीगढ़ से जीते फुरकान के पास सात करोड़ की संपत्ति है। 80 प्रतिशत मेयरों की शैक्षिक योग्यता स्नातक या उससे अधिक है। केवल तीन प्रत्याशी ऐसे हैं जो इंटर या उससे कम पढ़े हैं।
जनवरी में इलेक्शन वाच करेगा सम्मेलन
चुनाव सुधार और चुनावों के प्रति जागरूकता के लिए इलेक्शन वाच जनवरी में लखनऊ में बड़ा सम्मेलन आयोजित करेगा। संजय सिंह ने बताया कि सम्मेलन में सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उनसे चुनाव सुधार पर चर्चा होगी।