मंत्री की अगवानी में ‘बंधक’ बने सैकड़ों यात्री
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रेल राज्यमंत्री का आगमन रविवार को पुष्पक एक्सप्रेस के सैकड़ों यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया।
इन यात्रियों को दो घंटे तक लखनऊ जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर बंधक बनाकर रखा गया। यहां तक कि प्यास लगने पर पानी पीने के लिए भी उन्हें घेरे से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी को विशेष ट्रेन से शाम छह बजे गोंडा से वापस लखनऊ लौटना था। यहां से उन्हें एयरपोर्ट जाकर दिल्ली के लिए विमान पकड़ना था।
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इधर, सुबह से ही सैकड़ों यात्री पुष्पक एक्सप्रेस की जनरल बोगी में चढ़ने के लिए रोज की तरह प्लेटफॉर्म नंबर छह के कैबवे पर पहुंच गए थे।
शाम पांच बजे कैबवे पर पहुंचे पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के एडीआरएम एमके अग्रवाल ने आरपीएफ बुलाकर वहां मौजूद सभी यात्रियों को ड्राइवर लॉबी की तरफ इकट्ठा कर दिया।
इससे बोगियों में चढ़ने की अनुशासित लाइन टूट गई। वहीं, आरपीएफ ने करीब 1500 वर्गफुट क्षेत्रफल का घेरा बनाकर यात्रियों को कैद कर लिया।
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साथ ही यह हिदायत दी कि कोई यात्री मंत्री के आसपास नहीं फटकेगा। इसके बाद आरपीएफ जवानों ने सख्ती कर दी।
यहां तक कि प्यास से बेहाल बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों को भी घेरे से बाहर नहीं निकलने दिया गया। भीड़ के कारण उमस से बेहाल बच्चों व बुजुर्ग यात्रियों ने प्लेटफॉर्म पर जाने की इजाजत मांगी, लेकिन उन्हें वहां से हटने ही नहीं दिया गया।
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इस बीच, वहां मौजूद टीटीई जनरल श्रेणी के टिकट लेने वाले यात्रियों के जुर्माना रसीद बनाने में जुट गए। शाम करीब सवा छह बजे पुष्पक एक्स्प्रेस में आरक्षण कराने वाले यात्री पहुंच गए।
इन यात्रियों को भी ड्राइवर लॉबी से आगे बढ़ने नहीं दिया गया। बड़ी संख्या में एसी और शयनयान श्रेणी के यात्रियों ने प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर मंत्री की स्पेशल ट्रेन आने का इंतजार किया।
मंत्री की ट्रेन शाम 6:45 बजे आई और सात बजे वह निकल गए। इसके बाद ही घेरा हटाकर यात्रियों को निकलने दिया गया।
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