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नहीं रहे बालीवुड के ‘नंदी’ पप्पू पॉलिस्टर, कहते थे 'शिव की मर्जी से बना नंदी'
Wed, 06 Feb 2019 01:18 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 06 Feb 2019 01:18 PM IST
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अभिनेता पप्पू पॉलिस्टर राज्यपाल से मिलते हुए (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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टीवी धारावाहिकाें में भगवान शिव के वाहन नंदी का पर्याय बन चुके नगर के कलाकार पप्पू पालिस्टर नहीं रहे। 31 जनवरी से बीमार चल रहे सैयद बदरुल हसन खान बहादुर (फिल्मी नाम पप्पू पालिस्टर) का मंगलवार दोपहर दिल का दौरा पड़ने से मुंबई में निधन हो गया।
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भांजी प्रिंसेस फरहाना मालिकी ने बताया कि वह अवध के चौथे नवाब अमजद अली शाह की चौथी पीढ़ी के खानदान से थे। वह अपने पीछे पत्नी के अलावा बेटे आमिर को छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार मुंबई में ही कर दिया गया। 51 वर्षीय पप्पू पालिस्टर नवंबर 1968 में गोलागंज में पैदा हुए थे।
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करीबी मित्र और नगर के वरिष्ठ पत्रकार संजोग वाल्टर ने बताया कि सैयद बदरुल हसन खान बहादुर ने कैथेड्रल स्कूल व क्रिश्चियन कॉलेज से शुरुआती पढ़ाई की। लविवि से पीजी की पढ़ाई के बाद वे एमबीए की पढ़ाई को लंदन चले गए।
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90 की दशक में वहां फिल्मी हस्तियों से मुलाकात के बाद मुंबई चले आए। 30 सालों से भी अधिक समय से वे मुंबई में ही रह रहे थे। इसके बावजूद लखनऊ से उनका नाता नहीं टूटा। दो-तीन महीने में वे लखनऊ आया करते थे। 28 जनवरी को उन्होंने शादी की 29वीं सालगिरह भी मनाई थी।
पप्पू पॉलिस्टर (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
निधन पर हुई शोकसभा
पप्पू पालिस्टर के निधन पर मंगलवार को नगर में शोक सभा हुई। बेगमातरायल फैमिली ऑफ अवध की ओर से दोपहर बाद गोमतीनगर में शोकसभा हुई। बेगमात की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिंसेस फरहाना मालिकी ने बताया कि सूरे फातिहा पढ़ा गया। आत्मा की शांति की दुआ हुई। शोकसभा में नुज्जत बेगम, सायरा, रिजवान मालिकी कामरान, नवाब अजीम आदि थे।
खुद पप्पू पालिस्टर मानते थे कि टीवी धारावाहिकों, फिल्मों में उनका नंदी बनना भगवान शिव की ही महिमा है। कई कार्यक्रमों में शिरकत के दौरान एक बार उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि ये उनकी मर्जी नहीं थी, भगवान का ही मन रहा होगा कि नंदी जैसे किरदार को जो शिवजी का वाहन है, वह मैं ही निभाऊं।
पप्पू पालिस्टर के निधन पर मंगलवार को नगर में शोक सभा हुई। बेगमातरायल फैमिली ऑफ अवध की ओर से दोपहर बाद गोमतीनगर में शोकसभा हुई। बेगमात की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिंसेस फरहाना मालिकी ने बताया कि सूरे फातिहा पढ़ा गया। आत्मा की शांति की दुआ हुई। शोकसभा में नुज्जत बेगम, सायरा, रिजवान मालिकी कामरान, नवाब अजीम आदि थे।
खुद पप्पू पालिस्टर मानते थे कि टीवी धारावाहिकों, फिल्मों में उनका नंदी बनना भगवान शिव की ही महिमा है। कई कार्यक्रमों में शिरकत के दौरान एक बार उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि ये उनकी मर्जी नहीं थी, भगवान का ही मन रहा होगा कि नंदी जैसे किरदार को जो शिवजी का वाहन है, वह मैं ही निभाऊं।
भारी भरकम काया ने बनाया नंदी
पप्पू पॉलिस्टर ने 30 वर्षों तक फिल्मों, टीवी, थियेटर और विज्ञापनों में काम किया। लेकिन उनकी पहचान पौराणिक धारावाहिकों में ‘नंदी’ बनकर जो एक बार सामने आई तो वे फिल्मी दुनिया के नंदी बनकर रह गए। लगभग 150 किलो वजन के पप्पू 90 के दशक में द स्वोर्ड ऑफ टीपू सुल्तान में महाराजा ऑफ मैसूर की भूमिका के अलावा शोभा सोमनाथ की, जय मां वैष्णो देवी, जय हनुमान, द ग्रेट मराठा, मां, चंद्रकांता, ओम नम: शिवाय, श्री गणेश, नमो नारायण, जप तप व्रत रिपोर्टर, चाणक्य, भगवान श्री हरि, मुझसे दोस्ती करोगे, सोनपरी, सीआईडी, श्री नागदर्शन, जय संतोषी माता समेत कई धारावाहिकों में दिखे। वहीं, जोधा अकबर, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी, फरिश्ते, तेरे मेरे सपने, बादल, तुमसे अच्छा कौन, हीरो हिंदुस्तानी, हिंदुस्तान की कसम समेत तमाम फिल्मों में भी किरदार निभाए।