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युवती पर फेंका तेजाब, हाईकोर्ट ने दिया झटका!

Sat, 20 Sep 2014 01:13 AM IST
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 20 Sep 2014 01:13 AM IST
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acid attacker did not get bail in highcourt.

देहरादून की युवती पर तेजाब फेंकने के लिए सजा पाए अधेड़ को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जमानत देने से इंकार कर दिया है। हाईकोर्ट का कहना है कि 25 साल की युवती को तेजाब से जलाने का प्रयास करने वाले को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।

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इससे पहले 25 अगस्त 2014 को एडीजे कोर्ट ने शिवपुरी को युवती पर एसिड फेंकने का दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ शिवपुरी ने हाईकोर्ट में अपील की। अपील करने के साथ ही उसने हाईकोर्ट में जमानत के लिए भी अर्जी दी। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
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कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही 10 मार्च 2014 को ट्रायल के दौरान उसकी जमानत खारिज कर चुका है। वहीं अपराधी 55 साल का है और युवती केवल 25 साल की है। ऐसे में अपीलकर्ता की उसके साथ शादी होने की कहानी भी सही नहीं प्रतीत होती।

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छह महीने में ट्रायल पूरा करने का आदेश

acid attacker did not get bail in highcourt.

पीड़िता के वकील भूपेंद्र वीर सिंह के मुताबिक एडीजे कोर्ट की सजा के फैसले से पहले से ही अपराधी जेल में है। उसने छह अगस्त 2013 को हनुमान सेतु मंदिर के पास तेजाब से जलाने की कोशिश की थी।

25 अगस्त 2014 को इस घटना की सुनवाई के बाद एडीजे कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अधिकतम सात साल की कैद और एक लाख रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई थी।

यह आदेश 10 मार्च 2014 को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पी सदाशिवम और जस्टिस रंजन गोगोई के आदेश के बाद आया।

इसमें स्थानीय कोर्ट को छह महीने के अंदर ट्रायल पूरा कर निर्णय लेने के लिए कहा गया था।

बेटी बनाकर लाया और फिर...

acid attacker did not get bail in highcourt.

देहरादून निवासी युवती के मुताबिक, विष्णु नारायण शिवपुरी निवासी पेपरमिल कॉलोनी, महानगर की दोस्ती देहरादून में उसके पिता से हो गई थी। पढ़ाई के लिए वह पीड़िता को बेटी बनाकर लखनऊ ले आया। इसके बाद जब वह शादी के लिए दबाव बनाने लगा तो पीड़िता वापस लौट गई।

आरोपी ने कोर्ट में फर्जी दस्तावेज लगाकर उसे पत्नी बताने की कोशिश की। विष्णु नारायण ने लखनऊ में हनुमान सेतु मंदिर के पास पिछले साल छह अगस्त को युवती पर तेजाब डाल दिया था।

मेरे लिए बड़ी जीत
हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलने पर खुशी जताते हुए युवती ने कहा कि कोर्ट से उसे एक महीने के अंदर ही दोबारा न्याय मिला है। मुझे उम्मीद है कि हाईकोर्ट भी लोकल कोर्ट से मिली सजा को बरकरार रखेगा।

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