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रायबरेली हादसे में तीन की मौत: घर के इकलौते चिराग थे विपिन, गम में बदली खुशियां, बार-बार बेहोश हो रही मां

Tue, 17 Feb 2026 08:03 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लालगंज (रायबरेली)
अमर उजाला नेटवर्क, लालगंज (रायबरेली) Published by: ishwar ashish Updated Tue, 17 Feb 2026 08:03 PM IST
सार

लालगंज में हुए भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में मृत विपिन अपने माता-पिता का इकलौता सहारा थे। सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत से रोना पीटना मच गया।

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Accident in Raebareli: Vipin was the only light in the house, happiness turned into sorrow
हादसे में तीन मौतें हुईं। - फोटो : amar ujala

विस्तार

रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली की ओर निकले तीन लोगों की मौत से खुशियां मातम में बदल गई। जौनपुर जिले के कुंवरपुर पवारा गांव के रहने वाले विपिन, उनके पिता के इकलौते सहारे थे। करीब दस साल पहले दिल्ली गए विपिन ने संघर्ष कर ट्रांसपोर्ट का काम शुरू किया और पिकअप वाहन खरीदा। पिता प्रेमचंद और मां साधना के लिए वह घर की सारी जिम्मेदारियां उठाते थे।

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विपिन अपने चालक रोहित के साथ बनारस माल उतारने के बाद सोमवार को घर आए थे। घर से राशन लेने के बाद शाम करीब आठ बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए। उनके साथ उनके चाचा अखिलेश सरोज भी थे, जो दिल्ली में ठेला लगाते थे और तीन महीने से गांव में थे। सीजन शुरू होने पर वे भी कमाने के लिए लौट रहे थे। यह उनका आखिरी सफर साबित हुआ। जैसे ही इस हादसे की खबर गांव पहुंची घरों में रोना पिटना मच गया। मां साधना बार-बार बेहोश हो रही हैं। वहीं पिता प्रेमचंद की आंखें सूनी हैं।
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दिल्ली में परिवार के साथ रह रही विपिन की पत्नी सोनी घटना की सूचना मिलते ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं, जहां पति का शव देखकर वह बेसुध होकर गिर पड़ीं। उनकी सिसकियां थम नहीं रहीं। विपिन की बेटियां शगुन, दृश्यम और छोटा बेटा रूद्र अभी इस बात को समझ नहीं पा रहे कि उनके पापा अब कभी नहीं लौटेंगे। दूसरी ओर चाचा अखिलेश के बेटे आकाश, विकास और बेटी मुस्कान पिता के शव से लिपटकर बिलख पड़े। इस हादसे ने पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।

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