UP: अब अभिरक्षा कार्यालय करेगा राजा महमूदाबाद की शत्रु संपत्ति की तफ्तीश, पांच साल पहले प्रशासन ने की थी शुरू
राजा महमूदाबाद की शत्रु संपत्ति की तफ्तीश अब अभिरक्षा कार्यालय करेगा। पांच साल पहले इसकी तफ्तीश प्रशासन ने शुरू की थी। अब तक की जांच संबंधी दस्तावेज शत्रु संपत्ति अभिरक्षा कार्यालय को सौंपे गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी लखनऊ में राजा महमूदाबाद से संबंधित शत्रु संपत्तियों की जांच अब अभिरक्षा कार्यालय करेगा। प्रशासन ने अब तक की जांच से संबंधित सभी दस्तावेज शत्रु संपत्ति अभिरक्षा कार्यालय को सौंप दिए हैं।
दरअसल शत्रु संपत्तियों की समीक्षा के दौरान राजा महमूदाबाद से जुड़ी संपत्तियां काफी अधिक मिली थीं। इसकी तस्दीक के लिए पांच साल पहले जांच के आदेश दिए थे। जांच प्रशासन को सौंपी गई थी। ताकि पता चल सके कि आखिर इतनी संपत्तियां राजा महमूदाबाद की कैसे हुईं।
सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया था कि राजा महमूदाबाद के पास लीज के दायरे में नजूल की जमीनें भी होने की बात सामने आई थी। राजधानी में हलवासिया मार्केट, लारी बिल्डिंग, बटलर पैलेस, लाल कोठी, सिद्दीकी बिल्डिंग, कांकर कोठी आदि राजा महमूदाबाद से जुड़ी संपत्तियां हैं।
शत्रु संपत्तियां राजा महमूदाबाद की हैं
ये सभी संपत्तियां वर्तमान में अभिरक्षा के अधिकार में है। कोर्ट में भी मामला चल रहा है। सीतापुर में भी एसपी, डीएम व सीएमओ बंगला समेत तमाम अहम कार्यालय राजा महमूदाबाद से जुड़ी संपत्तियां हैं। आंकड़ों के मुताबिक देश भर में पचास हजार करोड़ की शत्रु संपत्तियां राजा महमूदाबाद की हैं।
यह भी पढ़ेंः- UP News: स्वामी प्रसाद मौर्य ने ऑपरेशन सिंदूर पर उठाया सवाल, बोले- पाकिस्तान में एक भी आतंकी नहीं मारा गया
इनमें से 980 संपत्तियां सरकार कब्जे में ले चुकी है। वहीं अब अभिरक्षा कार्यालय जांच को अपने स्तर से आगे बढ़ाएगा। इसमें वक्त भी लगेगा लेकिन उससे स्पष्ट हो जाएगा कि राजा महमूदाबाद की असल संपत्तियां कौन हैं और कौन दूसरों की संपत्तियां हैं।