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नहीं चला कोई पैंतरा, गैंगरेप का आरोपी चौथी बार बालिग करार
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 19 Mar 2016 09:38 AM IST
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धरे रह गए पैंतरे: आरोपी गौरव
- फोटो : Amar Ujala
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11 साल पुराने आशियाना रेप केस में मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला चौथी बार बालिग करार दिया गया है। कानूनी दांव-पेंच में 11 साल से न्याय के लिए भटक रही पीड़िता को हाईकोर्ट से एक बार फिर न्याय मिला है।
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दो मई 2005 की घटना में पहली बार 15 जनवरी 2013 को गौरव शुक्ला को जेजे बोर्ड ने बालिग ठहराया था। इसके बाद फर्जी सर्टिफिकेट और गवाहों के दम पर उसे नाबालिग साबित करने खेल शुरू हो गया।
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इसकी सुनवाई के बाद जेजे बोर्ड ने एक और आदेश 21 मार्च 2014 को दिया। इसमें भी उसे बालिग बताया गया। इसके खिलाफ गौरव शुक्ला और उसके परिवारीजनों ने सेशन कोर्ट में अपील की।
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दो साल बाद 11 मार्च 2015 को सेशन कोर्ट ने गौरव को बालिग माना और अपील खारिज कर दी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में रिवीजन पिटीशन की गई। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने इसे भी खारिज कर दिया।
कब-किसने किया आदेश
15 जनवरी 2013- जेजे बोर्ड
21 मार्च 2014 - जेजे बोर्ड
11 मार्च 2015 - सेशन कोर्ट
18 मार्च 2016 - हाईकोर्ट
कोई दांव-पेंच काम नहीं आया
बढ़ी न्याय की उम्मीद
- फोटो : DEMO Pics
गौरव शुक्ला ने खुद को नाबालिग साबित करने के लिए स्कूल के फर्जी सर्टिफिकेट लगाए। एक मामूली से स्कूल से यह सर्टिफिकेट बनवाए गए। इसके बाद पंडित को गवाही के लिए जेजे बोर्ड के सामने पेश किया गया।
लेकिन कोई भी दांव-पेंच काम नहीं आया। जेजे बोर्ड के आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट तक में अपील खारिज हो गई।
नवंबर 2015 में आए हाईकोर्ट के आदेश पर तीन महीने में फास्टट्रैक कोर्ट को सुनवाई पूरी करनी थी।
फरवरी में सुनवाई पूरी हो गई। फैसला सुनाने का समय आया तो इससे पहले मुख्य आरोपी हाईकोर्ट में अपनी उम्र को लेकर रिवीजन पिटीशन में लगा दी। अब याचिका खारिज होने के बाद फास्टट्रैक कोर्ट का फैसला आ सकेगा।
पीड़िता के वकील जलज गुप्ता का कहना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपना फैसला इसलिए नहीं सुनाया था क्योंकि हाईकोर्ट को मुख्य आरोपी की उम्र पर फैसला लेना था। गौरव को 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
आशियाना रेप केस में गौरव शुक्ला सहित छह आरोपी थे। इनमें से अमन बख्शी और भारतेंदु मिश्रा को 2007 में 10 साल की सजा हो चुकी है। दो आरोपी सौरभ जैन और आसिफ सिद्दीकी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। जनवरी 2013 में फैजान को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है।
लेकिन कोई भी दांव-पेंच काम नहीं आया। जेजे बोर्ड के आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट तक में अपील खारिज हो गई।
नवंबर 2015 में आए हाईकोर्ट के आदेश पर तीन महीने में फास्टट्रैक कोर्ट को सुनवाई पूरी करनी थी।
फरवरी में सुनवाई पूरी हो गई। फैसला सुनाने का समय आया तो इससे पहले मुख्य आरोपी हाईकोर्ट में अपनी उम्र को लेकर रिवीजन पिटीशन में लगा दी। अब याचिका खारिज होने के बाद फास्टट्रैक कोर्ट का फैसला आ सकेगा।
पीड़िता के वकील जलज गुप्ता का कहना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपना फैसला इसलिए नहीं सुनाया था क्योंकि हाईकोर्ट को मुख्य आरोपी की उम्र पर फैसला लेना था। गौरव को 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
आशियाना रेप केस में गौरव शुक्ला सहित छह आरोपी थे। इनमें से अमन बख्शी और भारतेंदु मिश्रा को 2007 में 10 साल की सजा हो चुकी है। दो आरोपी सौरभ जैन और आसिफ सिद्दीकी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। जनवरी 2013 में फैजान को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है।