शुल्क भरपाई : ‘फ्रेश’ आवेदन करने वालों को अब देना होगा आधार नंबर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई के लिए आवेदन करने वाले विभिन्न पाठ्यक्रमों के पहले वर्ष के विद्यार्थियों को भी अब आधार नंबर देना होगा। इसके लिए जल्द ही छात्रवृत्ति के पोर्टल पर करीब 20 लाख विद्यार्थियों के लिए ऑप्शन दिया जाएगा। हालांकि, उससे पहले उनके आधार नंबर को पूरी तरह से सुरक्षित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
प्रदेश में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं। भुगतान राशि भी पीएफएमएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है।
पिछले कई वर्षों से इस योजना को आधार नंबर से जोड़ दिया गया था। इसके चलते डुप्लीकेसी और भ्रष्टाचार के मामलों में काफी कमी आई थी। लेकिन, इस बार एनआईसी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए विद्यार्थियों का आधार नंबर लेने से इनकार कर दिया था।
एनआईसी का कहना था कि आधार नंबर को पूरी तरह से सुरक्षित रखने की उसके पास कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए विभिन्न पाठ्यक्रमों के पहले वर्ष के जितने भी छात्रों ने आवेदन किया, उन्हें आधार नंबर भरने का विकल्प ही नहीं दिया गया।
एग्रीमेंट हो गया है फाइनल
मामला सरकार की जानकारी में आया तो आधार नंबर के बिना भुगतान न करने का फैसला किया गया। तय हुआ कि श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड के माध्यम से आधार नंबर को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए श्रीट्रॉन को प्रति विद्यार्थी 15 पैसे का भुगतान किया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में श्रीट्रॉन से एग्रीमेंट फाइनल हो गया है। इसके लिए श्रीट्रॉन ने यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) से नियमानुसार मंजूरी मांगी है। जैसे ही यूआईडीएआई से हरी झंडी मिलेगी, छात्रों को ऑनलाइन आधार नंबर देने के निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।