यूपी के लिए कई अहम पारियां खेलने वाले युवा क्रिकेटर की डेंगू से मौत
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डेंगू से मंगलवार को एक युवा क्रिकेटर की भी मौत हो गई। यूपी के लिए अंडर-17, अंडर-19 खेल चुके क्रिकेटर सुबोध श्रीवास्तव को कई दिनों से तेज बुखार की शिकायत थी। हालत बिगड़ने पर उनको गोमतीनगर के कॉरपोरेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उनकी मौत हो गई।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी डेंगू को लेकर स्वास्थ्य महकमें में गंभीरता नहीं दिख रही। क्रिकेटर की मौत के साथ जहां कुल मौतों का आंकड़ा 223 हो गया है। वहीं, सोमवार और मंगलवार को कुल 112 नए मरीजों में कार्ड टेस्ट से डेंगू की पुष्टि हुई।
सिविल में 42, बलरामपुर में 42 और लोहिया में 28 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव ने बताया कि दो दिनों में कुल 15 मरीजों में एलाइजा जांच से डेंगू की पुष्टि हुई जिसके बाद कुल मरीजों का आंकड़ा 785 हो गया।
मुश्किल होता था आउट करना
शहर के होनहार क्रिकेटरों में एक सुबोध श्रीवास्तव ने अपने छोटे से कॅरिअर में तमाम उपलब्धियां हासिल की। इसकी शुरुआत यूपी की अंडर-17 टीम में चयन के साथ हुई। अगली कड़ी में सुबोध यूपी के अंडर-19 टीम के सदस्य रहे और कई मुकाबलों में अपने प्रदेश के लिए अहम पारियां खेली।
दायें हाथ के इस बल्लेबाज की प्रतिभा को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें जोनल कैंप में शामिल किया। इस दौरान उन्होंने ऑल इंडिया अंतर विश्वविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता में लखनऊ विवि का प्रतिनिधित्व भी किया। जहां तक शहर की क्रिकेट का सवाल है इस वक्त सुबोध शहर के ए डिवीजन क्रिकेट क्लब अखिल इंफ्रा के लिए खेलते थे।
मुश्किल होता था आउट करना
स्वभाव से बेहद मिलनसार और साथी खिलाड़ियों से जल्द ही घुलमिल जाने वाले इस खिलाड़ी के बारे में यूपी के रणजी क्रिकेटर दीपेन्द्र पांडेय ने बताया कि सुबोध मेहनती खिलाड़ी था। मैच के दौरान क्रिकेट के प्रति उनका समर्पण देखते ही बनता था। बल्लेबाज के अलावा उनका क्षेत्ररक्षण भी कमाल का था। विकेट पर टिक जाने के बाद उसको आउट करना मुश्किल हो जाता था। दीपेन्द्र ने बताया कि सुबोध के साथ उनकी पुरानी दोस्ती रही।