48 घंटे बाद ही बड़ी वारदात, दिनदहाड़े व्यापारी को गोलियों से भून डाला
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लखनऊ का क्राइम जोन बनते जा रहे पारा थाना क्षेत्र में सगी बहनों की बेरहमी से हत्या के 48 घंटे बाद ही कत्ल की एक और दुस्साहसिक वारदात ने इलाके को हिला दिया।
पारा थाने से महज दो सौ कदम दूर गुरुवार दोपहर करीब 12.30 बजे बाइक सवार हमलावरों ने गौरव टेंट हाउस के मालिक शिवसागर उर्फ सौदागर (25) की सरेराह गोलियां मारकर हत्या कर दी।
सौदागर ने गैर बिरादरी की शादीशुदा महिला से लव मैरिज की थी जिसके चलते उसका ससुरालवालों से तनाव चल रहा था। सौदागर के भाई ने मर्दनखेड़ा निवासी उसके सगे साले शोभित उर्फ आशु, मड़ियांव में रहने वाले मौसेरे साले अवधेश और उमेश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है।
एएसपी पूर्वी शिवराम यादव के मुताबिक अवधेश को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि बाकी दो फरार हैं, उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
विरोध करने पर गोली मारी और भाग गए
एएसपी पूर्वी के मुताबिक बल्दीखेड़ा निवासी सौदागर का घर के बगल में स्थित दो दुकानों में टेंट हाउस है। बृहस्पतिवार दोपहर वह भाई शिवम, गौरव और एक अन्य साथी दीपक के साथ दुकान में बैठा था।
इसी दौरान रामविहार में टेंट लगाने गए कर्मचारी बउवा से उसकी फोन पर बातचीत हुई। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे वह रामविहार में काम देखने की बात कहकर बाइक से अकेले चला गया।
लगभग सौ मीटर दूर चलते ही आवासीय कॉलोनी के पास बाइक सवार हमलावरों ने उसे रोक लिया। हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
विरोध करने पर सौदागर को गोलियां मारीं और भाग गए। सूचना पाकर परिवारीजन मौके पर पहुंचे और सौदागर को अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
एक गोली पीठ में तो दूसरी सिर के पिछले हिस्से में मारी
आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि हमलावर अपाचे बाइक से आए थे। सौदागर को रोका और झगड़ा करने लगे।
सौदागर की हमलावरों से हाथापाई हुई इसके बाद एक ने उसे गोलियां मार दीं। सौदागर के एक गोली पीठ पर लगी है जबकि दूसरी सिर के पिछले हिस्से से कान के पास फंस गई।
पति को छोड़कर लक्ष्मी ने एक साल पहले किया था प्रेम विवाह
बड़े भाई राजेंद्र ने बताया कि सौदागर करीब एक साल पहले मर्दनपुर गांव की गैर बिरादरी की लक्ष्मी से प्रेम विवाह किया था। इस बात से लक्ष्मी के परिवारीजन आगबबूला थे और कई बार सौदागर को जान से मारने की धमकी दे चुके थे।
कई साल से था प्रेम संबंध, मर्जी के खिलाफ लक्ष्मी की हुई थी शादी
सौदागर और लक्ष्मी के बीच कई साल से प्रेम संबंध थे और दोनों शादी करना चाहते थे। हालांकि, लक्ष्मी के परिवारीजनों ने चार साल पहले उसकी शादी किसी और से करा दी।
करीब एक साल पहले लक्ष्मी पति को छोड़कर सौदागर के पास चली आई। सौदागर के करीबियों का कहना है कि दोनों ने लव मैरिज कर ली थी जबकि परिवारीजनों के मुताबिक वह बिना शादी के ही साथ रह रही थी।
लक्ष्मी के आते ही बड़े भाई ने छोड़ा घर, मां करना चाहती थी बंटवारा
सौदागर के पिता मुनेश्वर की छह साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। घर पर मां सुखमा के अलावा बड़ा भाई राजेंद्र व दो छोटे भाई शिवम और गौरव हैं। लक्ष्मी से परिवारीजन परेशान थे। उसके घर में कदम रखते ही राजेंद्र अलग रहने चला गया। सुखमा का कहना है कि लक्ष्मी रोज झगड़ा करने लगी।
परिवार में सुबह से रात तक कलह का माहौल रहने लगा। इससे त्रस्त होकर उन्होंने राजेंद्र से बंटवारा करने के लिए कहा था। बृहस्पतिवार को भी घर में जोरदार झगड़ा हुआ। सुखमा ने राजेंद्र को फोन कर गड़बड़ होने की आशंका जताई थी। बकौल सुखमा, दो घंटे बाद ही उसकी आशंका सही साबित हुई। लक्ष्मी के भाइयों ने उनके बेटे की हत्या कर दी।
वारदात स्थल के आसपास मिली आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन
पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब साढ़े बारह बजे आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन सौदागर के घर के आसपास थी।
हत्या के वक्त भी उनकी लोकेशन घटनास्थल पर पाई गई। सौदागर के साले शोभित की लोकेशन घर से घटनास्थल के बीच रनिंग में मिली।
आरोपी साला लगातार अपने पिता से कर रहा था बात
कॉल डिटेल से पता चला है कि शोभित अपने पिता राजू से लगातार बातचीत कर रहा था। हालांकि, सौदागर के परिवारीजनों ने राजू को नामजद नहीं कराया है लेकिन हत्या में उसकी भी संलिप्तता सामने आ रही है। एएसपी पूर्वी ने कहा कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल के आधार पर एफआईआर में राजू का नाम भी बढ़ाया जाएगा।