मामूली विवाद में फायरिंग, छात्र की मौत
लखनऊ के पुरनिया के सुरेंद्र भोजनालय के बाहर शुक्रवार देर रात दो गुटों में भिड़ंत के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। केशवनगर स्थित सुरभि हॉस्टल में रहकर पीसीएस की तैयारी कर रहे बलिया के विशाल सिंह (26) को गोली लग गई। विशाल के लहूलुहान होकर गिरते ही कार सवार हमलावर भाग गए।
सूचना पाकर एएसपी गरिमा सिंह और अलीगंज सहित आसपास के थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और विशाल को ट्रॉमा सेंटर भेजा। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक दोनों पक्ष बुरी तरह से शराब के नशे में थे। दोनों के बीच पुरानी रंजिश बताई जा रही है।
अलीगंज एसओ श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि घटना रात करीब साढ़े दस बजे की है। विशाल सिंह अपने साथी रवि, आर्यन और विशाल के साथ खाना खाने के लिए सुरेंद्र भोजनालय आया था। सभी शराब के नशे में बुरी तरह से धुत थे।
वह खाना खाने के लिए भीतर गए तभी रवि को उल्टी आने लगी और वह बाहर की तरफ भागा। रवि के पीछे ही सभी साथी आ गए।
गोलियां चलने से मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उल्टी करने के बाद रवि पास ही खड़ी सफेद रंग की स्विफ्ट कार के बोनट का सहारा लेकर लेट गया। इसी बीच सुरेंद्र भोजनालय से खाना खाकर बाहर निकले कार मालिक और उसके साथियों ने रवि को बोनट पर लेटा देखकर आपत्ति जताई। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा व गाली-गलौज होने लगी।
गुस्साए कार मालिक व उसके साथियों ने मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर असलहे निकाल लिए और ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। गोलियां चलने से भगदड़ मच गई। सुरेंद्र भोजनालय में बैठे लोग भाग गए।
फायरिंग के दौरान एक गोली विशाल सिंह की पीठ पर लग गई और वह चीखते हुए गिर पड़ा जबकि हमलावर भाग गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावर दो कारों से थे और उन्होंने चार राउंड गोलियां चलाईं।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई वारदात
सुरेंद्र भोजनालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई है। एसओ अलीगंज श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि देर रात फुटेज निकलवाई गई जिसमें पूरा घटनाक्रम नजर आ रहा है।
एएसपी गरिमा सिंह ने भी फुटेज देखी। फुटेज में स्पष्ट रूप से कार सवार बदमाश झगड़ा व फायरिंग करके पुरनिया की तरफ भागते दिख रहे हैं। फुटेज में मिले कार के नंबर के आधार पर हमलावरों की तलाश की जा रही है।
विशाल रोज ढाबे पर खाना खाने आता था
एसओ ने बताया कि विशाल सिंह रोज ढाबे पर खाना खाने आता था। उसे आसपास के लोग अच्छी तरह से पहचानते थे। यह भी चर्चा है कि विशाल व उसके साथियों की कार सवार हमलावरों से पुरानी रंजिश थी।
दोनों के बीच यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के वक्त से झगड़ा चल रहा था। जब विशाल और उसके साथी ढाबे पर आए थे, हमलावर पहले से वहां खाना खा रहे थे।
एसओ ने बताया कि विशाल के पिता भगवानदीन व्यापारी हैं उनको सूचना दे दी गई है। वह लखनऊ विश्वविद्यालय से पीजी कर रहा था और हॉस्टल में रहकर पीसीएस की कोचिंग कर रहा था। वह इकलौता बेटा था। उसकी मां की भी मौत हो चुकी है।