एचओडी मांगता था घूस, तंग आकर छात्र ने कर ली खुदकुशी
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एचओडी ने बार-बार घूस मांगकर इतना प्रताड़ित किया कि लखनऊ के बीएन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (बीएनसीईटी) में बीटेक फाइनल ईयर के छात्र ने अपनी जान दे दी।
खुदकुशी करने से पहले उसने चार पन्ने का सुसाइड नोट लिखा, जिसे पढ़कर मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी किया। पुलिस ने छात्र के पिता की तहरीर पर एचओडी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
इंस्पेक्टर मड़ियांव संतोष सिंह ने बताया कि आजमगढ़ के सरायदेव गांव के किसान ओम प्रकाश मिश्रा का सबसे छोटा बेटा लवकुश मिश्रा (23) मड़ियांव के श्रीनगर मोहल्ले में एसके डंगवाल के मकान में किराए पर रहता था।
बीएनसीईटी में बीटेक के एचओडी ने दीपक असरानी ने दूसरे सेमेस्टर से ही उसे तंग करना शुरू कर दिया। कॉलेज जाने के बावजूद रजिस्टर में उसकी अनुपस्थिति दर्ज करता रहा। फिर कई बार पैसे भी मांगे। आखिर में उसे पेपर देने से रोक दिया गया तो बुधवार को उसने कमरे में पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली।
मकान मालिक दिल्ली गए हुए थे। रात करीब साढ़े 10 बजे पड़ोसी सत्य प्रकाश श्रीवास्तव उससे मिलने गए तो कमरे में उसे फंदे से लटके देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे से सुसाइड नोट और उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया। इसके बाद उसके परिवारवालों को इसकी सूचना दी गई। लवकुश के पिता ओम प्रकाश मिश्रा ने मड़ियांव थाने में एचओडी के खिलाफ केस दर्ज कराया।
अटेडेंस दिखाने को लिए थे 20 हजार रुपये
लवकुश के भाई रविकेश ने बताया कि उसका भाई कॉलेज में बात-बात पर घूस मांगने की शिकायत करता था। एसओडी दीपक असनानी ने उसकी उपस्थिति दर्ज करने के लिए और यूपीटीयू में उसका एनरोलमेंट भेजने के लिए 20 हजार रुपये घूस मांगी।
लवकुश ने किसी तरह रुपये इंतजाम करके उसे दे भी दिये। इसके बावजूद एचओडी उसे प्रताड़ित करता रहा और 10 हजार रुपये और मांगे। भाई ने आरोप लगाया कि लवकुश ने मामले की शिकायत डायरेक्टर से की थी। डायरेक्टर ने भी एचओडी का पक्ष लिया जिससे लवकुश का मनोबल टूट गया था।
जांच के निर्देश
बीएन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्रबंधक आरपी पांडेय ने कहा ‘एचओडी दीपक असरानी की भूमिका के बारे में जांच के निर्देश दिए हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, लवकुश एक साल से अनुपस्थित था। यूपीटीयू से उसका एनरोलमेंट भी नहीं हुआ है। ऐसे में वह परीक्षा में शामिल ही नहीं हो सकता था।’
मेरे सुसाइड करने की वजह सिर्फ और सिर्फ एचओडी
मैं लवकुश मिश्रा ... मैं मरना नहीं चाहता, लेकिन अब मैं और ये प्रेशर बरदाश्त नहीं कर पा रहा हूं। भइया मेरे सुसाइड करने की वजह सिर्फ और सिर्फ मेरे ब्रांच के एचओडी मि. दीपक असरानी हैं। उन्होंने मेरे साथ ऐसा क्यों किया।
जब मैं पांचवें सेमेस्टर में था तो उन्होंने मेरा पहला पेपर छुड़वा दिया। मेरे अलावा और किसी का एडमिट कार्ड नहीं रोका। लेकिन इस बार सातवें सेमेस्टर में सर ने अटेंडेंस फॉर्म तक नहीं भरने दिया।
केबिन से भगाया... किसी ने नहीं सुनी
मैं दो नवंबर को कॉलेज में सबसे पहले एचओडी से मिलने गया। उन्होंने मुझे अपने केबिन से भगा दिया और कहा कि मुझे तुम जैसों लड़कों को कॉलेज में नहीं रखना है। तुम जाकर को-ऑर्डिनेटर से बात कर लो, लेकिन को-ऑर्डिनेटर शोहित सर ने भी मुझसे बात नहीं की और भगा दिया।
मैं शाम तक बैठा रहा, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। मै दीवाली की छुट्टियां होने तक आता रहा, लेकिन ना तो किसी ने मेरी मदद की ना ही किसी ने क्लास अटेंड करने दी। एचओडी सर ने एडमिन सर से जाकर कहा कि इसका एनरोलमेंट रोक दिया जाय।
‘तुम्हारा यह साल बरबाद कर दूंगा’
मुझे एडमिन के करुणेश सर ने फोन कर बताया कि मेरा एनरोलमेंट नहीं किया जा रहा है। तुम आकर एचओडी सर और डायरेक्टर मैम से बात कर लो। जब मैं अगले दिन कॉलेज गया तो डायरेक्टर मैम ने मुझसे बात करने से मना कर दिया। और कहा कि पहले तुम एचओडी सर से परमिशन लेकर आओ तब मै तुमसे बात करूंगी।
जब मै एचओडी के पास गया तो उन्होंने मेरा एप्लीकेशन फाड़ दिया। इसके बाद शोहित सर के सामने कहा कि मैं तुम्हारा यह साल बरबाद कर दूंगा।
जब तुम अगले साल आओगे तब भी तुम्हारी अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम रहेगी और मैं तुम्हारा एनरोलमेंट रोक दूंगा। मै रेग्युलर कॉलेज आता रहा, लेकिन मेरी बात ना तो डायरेक्टर मैम ने सुनी ना ही एचओडी सर ने।
20 हजार दे दो तो कुछ कर सकता हूं
... और फिर एचओडी सर ने मुझसे आखिरी दिन कहा कि अगर तुम मुझे कॉलेज फीस के अलावा बीस हजार रुपये और दे दो तब मैं कुछ कर सकता हूं। मैंने उसी दिन फीस में से बीस हजार रुपये दे दिए। लेकिन एडमिट कार्ड मिलते समय उन्होंने सभी लड़कों से कहा कि लवकुश का एडमिट कार्ड रोक दिया गया है। जब मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हारा नहीं हो पाया है। रुपये वापस करने को कहा तो धमकी दी कि मैं तुम्हारा एडमिशन नहीं होने दूंगा।
पहले हाथ की नस काटने की कोशिश की
मैने पेपर के दूसरे दिन हाथ की नस काटने की कोशिश की, लेकिन मुझे कुछ नहीं हुआ। फिर मैंने सोचा कि घर पर जाकर पापा से सब कुछ बता दूंगा। और रोज यही सोचता था कि आज बताऊंगा, लेकिन नहीं बता पाता था। फिर मै लखनऊ वापस आ गया।
एचओडी को कभी माफ नहीं करिएगा
... आज मैं सुसाइड सिर्फ एचओडी दीपक असरानी की वजह से कर रहा हूं। आप एचओडी को कभी भी माफ नहीं करिएगा। पापा मुझे माफ कर दीजिए, मैं आपके लिए कुछ नहीं कर पाया। प्लीज मुझे माफ कर दीजिए। आईएमसॉरी ... लवकुश मिश्रा
कॉलेज में छात्रों को परेशान कर वसूले जाते हैं रुपये
लवकुश के भाई रविकेश ने आरोप लगाया है कि बीएनसीईटी में छात्रों को परेशान करके रुपये वसूले जाते हैं। लवकुश ने उसे कई बार फोन करके इस बारे में बताया।
कहा था कि जो छात्र वहां के टीचरों और एचओडी को घूस नहीं देता है उसे जानबूझकर परेशान किया जाता है। उसके पास घूस देने के लिए रुपये नहीं हैं।
इसलिए उसे प्रताड़ित होना पड़ रहा है। तब मैंने डायरेक्टर से इसकी शिकायत करने का सुझाव दिया था। लवकुश ने डायरेक्टर से शिकायत की, लेकिन उन्होंने डांटकर भगा दिया।
भाई ने भी की खुदकुशी की कोशिश
लवकुश की मौत से भाई रविकेश इतना दुखी था कि उसने मड़ियांव थाने में फांसी लगाने की कोशिश की। किसी तरह उसे रोका गया तो वह सीतापुर हाईवे की तरफ दौड़ पड़ा और एक ट्रक के आगे कूदकर जान देने की कोशिश की। पिता और अन्य रिश्तेदारों ने उसे पकड़ा और शांत कराया।
पुलिस ने की टरकाने की कोशिश
लवकुश के घरवाले जब शिकायत करने मड़ियांव थाने पहुंचे तो पुलिसवालों ने उन्हें टकराने की कोशिश की। इससे वे नाराज हो गए थे। आक्रोशित परिवारीजनों ने थाने का घेराव किया। हालांकि बाद में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी एचओडी दीपक असरानी को गिरफ्तार कर लिया।
मां को सुनाता था दुखड़ा, कहता था पापा को न बताना
लवकुश छोटा बेटा था और अपनी मां प्रेमा देवी का लाडला था। अपनी सारी बातें अक्सर मां को ही बताता था। कॉलेज में मिल रही मानसिक यातनाओं की कहानी भी मां को सुना रखी थी। इसे उसने पिता और भाई से इन बातों को न बताने की बात कही थी। वह कहता था पिता और भाई उसे बड़ी मेहनत से पढ़ा-लिखा रहे हैं। ऐसे में उन्हें बहुत कष्ट होगा। बेटे की मौत की खबर सुनकर उसकी मां को गहरा सदमा लगा है।