कक्षा एक की बच्ची से दरिंदगी, थाने के पास लहूलुहान मिली
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पहली कक्षा में पढ़ने वाली सात साल की मासूम से हैवानियत ने राजधानी लखनऊ को फिर शर्मसार कर दिया। मासूम बृहस्पतिवार को आशियाना स्थित अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी टॉफी दिलाने के बहाने एक दरिंदा उसे बहला-फुसलाकर साथ ले गया। जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया और फरार हो गया।
लहूलुहान हालत में बच्ची वहां से निकली और आशियाना थाना के पास बेहोश होकर गिर पड़ी। उसकी हालत देख राहगीरों ने उससे परिवारीजनों का मोबाइल नंबर पूछकर सूचना दी।
इस शर्मनाक वारदात की जानकारी मिलने पर डीआईजी रेंज प्रवीण कुमार मौके पर पहुंचे और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बच्ची को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया है। परिवारीजनों ने अज्ञात दरिंदों के खिलाफ तहरीर दी है।
बच्ची ने दिया बयान, सुनकर होश उड़े
पुलिस ने बताया कि बच्ची कानपुर रोड पर एक प्रतिष्ठित स्कूल की छात्रा है। पिता सरकारी नौकरी में हैं। वह मां, दीदी ओर ढाई साल के छोटे भाई के साथ आशियाना में रहती है।
बृहस्पतिवार शाम वह दादी के साथ घर के बाहर आई और मोहल्ले के बच्चों के संग खेलने लगी। करीब साढे पांच बजे दादी ने बच्ची को नहीं देखा तो घरवालों को बताया कि गुरूद्वारा के पास सड़क किनारे एक बच्ची लहूलुहान पड़ी है।
उसने बच्ची से बात कराई तो पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। बदहवास हालत में सभी मौके पर पहुंचे और बच्ची को लेकर लोकबंधु अस्पताल ले गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गर्या। बच्ची ने बताया कि एक बदमाश उसे टॉफी दिलाने के बहाने ले गया और गलत काम किया।
बच्ची तड़पती रही, पुलिस से मांगते रहे मदद
मासूम बच्ची से दरिंदगी के संवेदनशील मामले में आशियाना पुलिस के खिलाफ स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश दिखा। बच्ची के पिता ने बताया कि शाम साढ़े पांच बजे बेटी को गायब देखकर मां ने पुलिस को सूचना देते हुए मदद मांगी लेकिन कोई मौके पर नहीं आया। जब बच्ची के पिता आए तो उन्होंने भी पुलिस को फोन किया। इस बार भी पुलिस ने पीड़ित परिवार की मदद नहीं की।
बच्ची लहूलुहान हालत में सड़क किनारे मिली तो स्थानीय लोगों ने यूपी 100 सेवा में फोन करके सूचना दी। जिसके बाद वहां से पुलिस आई। डीआईजी के मौके पर पहुंचने की सूचना पाकर एसओ अवधेश कुमार पांडेय बच्ची के पास पहुंचे। पुलिस के इस रवैये से आक्रोशित लोगों ने मौके पर ही एसओ को काफी बुराभला भी कहा।
पापा तबियत खराब है, जल्दी से आकर ले जाओ
राहगीर ने अपने फोन से बच्ची और उसके पिता की बातचीत कराई तो वह रो पड़ी। उसने कहा कि पापा गुरुद्वारा के बगल में पानी की गुमटी के पास हूं। तबियत खराब है। जल्दी से आकर मुझे घर ले जाओ। बेटी के मुंह से दर्दभरी बातें सुनकर पिता का गला रुंध गया। वह आनन-फानन गुरुद्वारा की तरफ दौड़ पड़े।
एक किलोमीटर के दायरे में हुई वारदात
डीआईजी ने बताया कि वारदात एक किलोमीटर दायरे में हुई। बच्ची के घर के पास जंगली इलाका है। बदमाश उसे फुसलाकर वहीं ले गया और जंगल में दरिंदगी की।
इस बीच बच्ची मौका पाकर भाग निकली और गुरुद्वारा के पास बेसुध होकर गिर पड़ी। डीआईजी के मुताबिक बच्ची से दरिंदगी का आरोपी इलाके में ही कहीं रहता है।
उसकी तलाश की जा रही है। वारदात के बाद रात को कौन-कौन लोग किस वजह से इलाके से गायब रहे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
नीली सफेद शर्ट पहने था दरिंदा
बच्ची ने डीआईजी को बताया कि टॉफी दिलाने के बहाने उसे ले गया दरिंदा नीली और सफेद धारी वाली शर्ट पहने था। घर से कुछ दूर दुकान तक वह पैदल गई। दुकान से टॉफी दिलाने के बाद दरिंदे ने बच्ची को गोद में उठा लिया और जंगल में ले गया। डीआईजी ने बताया कि बच्ची के मुताबिक दरिंदे की उम्र करीब 20 से 25 साल है।