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नौकर ने ही उड़ाए सवा करोड़ के जेवर व नगदी, दबोचा गया

Mon, 23 May 2016 11:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 23 May 2016 11:48 AM IST
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 A servant was behind a theft in Lucknow.
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शेरवुड कॉलेज के चेयरमैन केबी लाल की तिजोरी से सवा करोड़ रुपये के जेवरात और तीन लाख रुपये की नगदी लेकर रफूचक्कर होने वाला उनका ही नौकर था।

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पुलिस ने शनिवार की रात उसे दबोच लिया और उसके पास से जेवरात व नगदी भी बरामद कर ली है। शेरवुड के चेयरमैन ने पुलिस टीम के सभी सदस्यों को एक-एक लाख रुपये कैश और उनके एक-एक बच्चे को आजीवन मुफ्त शिक्षा देने की घोषणा की है।
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एसएसपी मंजिल सैनी के मुताबिक, इंदिरानगर सेक्टर 25 में स्थित शेरवुड कॉलेज के चेयरमैन केबी लाल अपनी पत्नी पल्लवी व बच्चों के संग तीन साल पहले घूमने के लिए हल्द्वानी गए थे। वहीं के एक होटल के कर्मचारी खिलानंद भट्ट उर्फ आनंद को अपना घरेलू नौकर बनाकर लखनऊ ले आए।
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आनंद ने धीरे-धीरे परिवार के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया। तीन साल में केबी लाल के परिवार के लोगों को कभी उस पर शक नहीं हुआ। आनंद को घर के चप्पे-चप्पे की जानकारी थी।

उत्तराखंड भागने की फिराक में था

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एक सप्ताह पहले उन्होंने परिवार के संग नैनीताल घूमने का प्लान बनाया। भरोसा करके पूरे घर की चाभियां खिलानंद उर्फ आनंद को ही थमाकर चले गए। घरवालों को गए कुछ घंटे भी नहीं बीते थे कि आनंद ने उनकी पत्नी पल्लवी की आलमारी की तिजोरी से लगभग सवा करोड़ रुपये से अधिक के जेवरात और तीन लाख रुपये कैश चोरी कर लिए। इसके बाद वह नदारद हो गया।

शेरवुड कॉलेज के केयरटेकर मदन गोपाल श्रीवास्तव ने इसकी एफआईआर गाजीपुर थाने में लिखाई। एसओ गाजीपुर आलोक मणि त्रिपाठी की निगरानी में पुलिस टीम ने खिलानंद उर्फ आनंद की तलाश शुरू की।

शनिवार की रात उसे कुकरैल बंधे के पास कल्याण अपार्टमेंट के पीछे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से तीन लाख रुपये और सवा करोड़ रुपये के जेवरात भी बरामद हो गए।

एसओ गाजीपुर आलोक मणि ने बताया कि खिलानंद भट्ट उत्तराखंड में चंपावत रिठाशाहिब के गांव पिनाना का निवासी है। वह जेवर और नगदी लेकर उत्तराखंड भागने की कोशिश में था लेकिन इससे पहले ही दबोचा गया।

कंप्यूटराइज्ड लॉकर का कोड भी जानता था नौकर

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खिलानंद भट्ट उर्फ आनंद पर शेरवुड कॉलेज के चेयरमैन केबी लाल और उनकी पत्नी पल्लवी इतना भरोसा करती थीं कि अपने बेडरूम में रखी इलेक्ट्रॉनिक लॉकर भी उसके सामने ही खोल दिया करते थे। केबी लाल के इलेक्ट्रॉनिक लॉकर का कोड भी उसे पता था।

उसने इलेक्ट्रॉनिक लॉकर कोड डायल करके खोला था जबकि बेडरूम में रखी पल्लवी की आलमारी का लॉकर बेलचे से तोड़ दिया था।

एक झटके में अमीर बनने की चाहत में दिया वारदात को अंजाम
आरोपी खिलानंद ने पुलिस को बताया कि वह एक ही झटके में अमीर बनना चाहता था। उसने पहले कभी चोरी नहीं की, लेकिन जब केबी लाल के घर की चाभियां उसके हाथ में आईं तो उसकी नीयत डोल गई। वह जानता था कि पुलिस पहले दिन से ही उसकी तलाश करेगी। पुलिस से बचने के लिए वह चोरी के माल के साथ इधर-उधर घूमता रहा।

मालिक को नहीं मालूम तिजोरी में कितना माल

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केबी लाल को खुद नहीं पता था कि उनकी तिजोरी में कितने रुपये कैश और कितने के जेवर थे।  जब एफआईआर लिखाकर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो उन्होंने लगभग 35 लाख रुपये के जेवरात और साढ़े पांच लाख रुपये कैश होने की बात कही थी।

हालांकि बाद में जब खिलानंद के पास से चोरी का माल बरामद हुआ तो सोने चांदी के जेवरों की कीमत 1.25 करोड़ रुपये निकली और कैश तीन लाख मिले।

खिलानंद ने बताया कि एक सप्ताह में वह सिर्फ पांच-सात हजार रुपये ही खर्चा कर पाया। वह जेवर और कैश लेकर उत्तराखंड जाने की फिराक में था लेकिन सफल नहीं हो सका।

नहीं कराया सर्वेंट वैरीफिकेशन
बार-बार जागरूकता के बावजूद नौकरों का वैरीफिकेशन नहीं कराया जा रहा। शेरवुड कॉलेज के चेयरमैन केबी लाल ने अजनबी नौकर पर विश्वास तो कर लिया लेकिन कभी भी उसका पुलिस वैरिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं समझी।

पुलिसकर्मियों के एक-एक बच्चे को आजीवन मुफ्त शिक्षा

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एसओ गाजीपुर आलोक मणि त्रिपाठी, रिंग रोड चौकी इंचार्ज मधुकांत मिश्रा, अरावली चौकी प्रभारी भूपेश कुमार राय, कांस्टेबल अरुण कुमार सिंह, कांस्टेबल आलोक पांडेय को शेरवुड कॉलेज के चेयरमैन केबी लाल की ओर से एक-एक लाख रुपये, पुलिस कर्मियों के एक-एक बच्चे को आजीवन मुफ्त शिक्षा देने की घोषणा की है। एसएसपी मंजिल सैनी ने भी टीम को पुरस्कृत करने को कहा है।

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