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Lucknow News: एयरफोर्स स्टेशन की बिजली गुल के मामले में बड़े अफसर पर गिर सकती गाज
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
लखनऊ। मेमौरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन की बिजली गुल होने की घटना की जांच शुरू हो गई है, जिसके पूरा होने में करीब एक माह का समय लगेगा। इस जांच के दौरान बड़े अफसरों पर भी गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है।
मध्यांचल निगम की एमडी रिया केजरीवाल ने जांच के लिए जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्य अभियंता ने बुधवार से इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी है, जिसमें आरोपपत्र तैयार कर सभी आरोपियों को दिए जाएंगे और फिर सुनवाई होगी।
ब्लैक लिस्ट हो सकती है फर्म
एयरफोर्स ने 11 करोड़ रुपये जमा कर स्टेशन की करीब 22 किलोमीटर भूमिगत 33 केवी लाइन बनवाई थी। लाइन बनाने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है और बैंक गारंटी के रूप में जमा किए गए एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम को जब्त किया जा सकता है। जानकारों के अनुसार, कार्यदायी संस्था की ओर से भूमिगत लाइन को सही तरीके से न बनाने के कारण, इसकी निगरानी करने वाले सात अवर, सहायक व अधिशासी अभियंता भी जांच के दायरे में आ गए हैं। शीर्ष स्तर पर बिजली लाइन बनाने के दौरान अधीक्षण अभियंता की तैनाती की भी समीक्षा चल रही है, क्योंकि उनकी चूक के कारण गुणवत्ता से समझौता किया गया हो सकता है।
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मध्यांचल निगम की एमडी रिया केजरीवाल ने जांच के लिए जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्य अभियंता ने बुधवार से इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी है, जिसमें आरोपपत्र तैयार कर सभी आरोपियों को दिए जाएंगे और फिर सुनवाई होगी।
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ब्लैक लिस्ट हो सकती है फर्म
एयरफोर्स ने 11 करोड़ रुपये जमा कर स्टेशन की करीब 22 किलोमीटर भूमिगत 33 केवी लाइन बनवाई थी। लाइन बनाने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है और बैंक गारंटी के रूप में जमा किए गए एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम को जब्त किया जा सकता है। जानकारों के अनुसार, कार्यदायी संस्था की ओर से भूमिगत लाइन को सही तरीके से न बनाने के कारण, इसकी निगरानी करने वाले सात अवर, सहायक व अधिशासी अभियंता भी जांच के दायरे में आ गए हैं। शीर्ष स्तर पर बिजली लाइन बनाने के दौरान अधीक्षण अभियंता की तैनाती की भी समीक्षा चल रही है, क्योंकि उनकी चूक के कारण गुणवत्ता से समझौता किया गया हो सकता है।
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