स्कूल संचालक ने युवती से होटल में किया दुष्कर्म, सुबह जमकर पीटा
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हजरतगंज के एक होटल में ठहरे स्कूल संचालक ने शुक्रवार रात अपनी परिचित युवती से दुष्कर्म किया। सुबह मोबाइल चेक न कराने पर उसको जमकर पीटा भी। संचालक के पास रिवॉल्वर देख बुरी तरह डरी युवती बदहवास हालत में होटल से भाग निकली।
कुछ दूरी पर मंदिर के पुजारी ने उसे रोते देख पुलिस बुलाई और आरोपी को होटल से रिवॉल्वर समेत गिरफ्तार कर लिया गया। वह युवती को बेटी बताकर होटल में ठहरा था।
पुलिस के मुताबिक, मऊ के गोपागंज थाने के गांव लहरो दुनवर निवासी स्कूल संचालक भगत सिंह शुक्रवार को बलिया की रहने वाली अपनी परिचित युवती को बेटी बताकर राणा इंटरनेशनल होटल में ठहरा। बंद कमरे में युवती से दुष्कर्म किया और सुबह मोबाइल चेक न कराने पर उसकी जमकर पिटाई की।
पहले भी कर चुका था दुष्कर्म
युवती ने किसी तरह खुद को भगत सिंह के चंगुल से छुड़ाया और रोते हुए भाग निकली। बेलदारी लेन स्थित मां प्रभा देवी मंदिर के पुजारी पवन दुबे व उनके साथियों ने युवती को रोककर वजह पूछी और पुलिस बुलाई।
पुलिस ने भगत सिंह को होटल से गिरफ्तार करके उसका रिवॉल्वर कब्जे में लिया। इस बीच युवती ने महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। एसएसपी व अन्य अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ के साथ पीड़िता से भी तहकीकात की।
पता चला कि भगत सिंह अपनी परिचित युवती को बृहस्पतिवार को बलिया से मऊ ले गया था। वहां भी उसके साथ दुष्कर्म किया और शुक्रवार को लखनऊ लाया था। एसएसपी ने विवेचक को पीड़िता का डॉक्टरी मुआयना व कलमबंद बयान दर्ज कराने के आदेश दिए।
स्क्रीन लॉक का कोड न बताने पर बरस पड़ा
युवती ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि मऊ में हाईस्कूल का संचालक व प्रबंधक भगत सिंह काफी समय से उसका यौनशोषण कर रहा था। डर व शादी के झांसे की वजह से वह चुप थी। उसने बृहस्पतिवार को बलिया से मऊ ले जाकर दुष्कर्म किया और शुक्रवार रात लखनऊ लाकर होटल में दरिंदगी की।
भगत सिंह ने सुबह उसे मोबाइल पर बात करते देखा और भड़क उठा। किसी अन्य से संबंधों का आरोप लगाते हुए मोबाइल चेक कराने को कहा। स्क्रीन लॉक का कोड न बताने पर धुनाई शुरू कर दी। भगत सिंह के पास रिवॉल्वर थी, जान खतरे में देखकर वह भाग निकली।
गौरी हत्याकांड की वजह भी थी स्क्रीन लॉक न खोलने देना
दो साल पहले गौरी हत्याकांड के पीछे भी मोबाइल फोन चेक न कराने का झगड़ा था। कानून की छात्रा गौरी श्रीवास्तव को एक फरवरी 2015 की दोपहर उसका दोस्त हिमांशु प्रजापति बाइक पर बैठाकर अपने घर ले गया। दोनों ने काफी वक्त साथ गुजारा।
इस दौरान हिमांशु ने गौरी पर शक जताते हुए उसका सेलफोन चेक करने की कोशिश की। स्क्रीन लॉक न खोलने पर आपा खो बैठा और गौरी की हत्या कर दी थी।