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Lucknow News : मदरसों में जुमे की जगह रविवार को छुटटी को लेकर नहीं हुआ फैसला, मदरसा बोर्ड ने जारी किया बयान
Wed, 21 Dec 2022 08:09 PM IST
ishwar ashish
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 21 Dec 2022 08:09 PM IST
सार
मदरसा बोर्ड मदरसा विनियमावली 2016 में संशोधन करने की कवायद में लगा हुआ है। इसके लिये बोर्ड के चेयरमैन डा. इफ्तिखार अहमद जावेद ने मंगलवार को मदरसों से जुड़े शिक्षाविदों के साथ बैठक कर उनसे सुझाव मांगे थे।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डा. इफ्तिखार अहमद जावेद ने मदरसों में जुमे की छुटटी में बदलाव किये जाने को लेकर साफ किया कि मदरसों में जुमा की जगह रविवार को छुटटी को लेकर अभी कोई फैसला नही किया गया है। उन्होंने कहा कि बुधवार को संपन्न हुई बैठक में मदरसा विनियमावली 2016 में संशोधन के लिये शिक्षाविदों से सिर्फ सुझाव लिये गये हैं। जिन पर फैसला मदरसा बोर्ड की अगली बैठक में लिया जाएगा।
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दरअसल, मदरसा बोर्ड मदरसा विनियमावली 2016 में संशोधन करने की कवायद में लगा हुआ है। इसके लिये बोर्ड के चेयरमैन डा. इफ्तिखार अहमद जावेद ने मंगलवार को मदरसों से जुड़े शिक्षाविदों के साथ बैठक कर उनसे सुझाव मांगे थे। बैठक में शिक्षाविदों ने मदरसा कर्मचारियों व शिक्षकों के निलंबन, निष्कासन एवं अपील के संबन्ध में शिक्षकों के हित को सुरक्षित रखते हुये नियम बनाये जाने, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी स्तर पर की जाने वाली कार्यवाही का अंतिम निर्णय रजिस्ट्रार के स्तर से लिये जाने। हिफ्ज की सनद की मान्यता पुन: बहाल किये जाने और हिफ्ज की डिग्री की परीक्षा कराने का सुझाव दिया।
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इसके अलावा कामिल एवं फाजिल की डिग्रियों की समकक्षता के लिये मदरसा बोर्ड को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिये जाने, फाजिल के बाद एमटीईटी की परीक्षा में बैठने की अनुमति, कामिले तदरीस या फाजिले तदरीस का कोर्स शुरू करने, तिब परीक्षा को पूर्व की भांति पाठयक्रम में समावेश किये जाने, मदरसा छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिये मदरसों में एक ही यूनिफार्म लागू करने, स्थानातंतरण, अवकाश के नियम परिभाषित करने, महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश को विनियमावली में शामिल करने सहित 19 बिंदुओं पर अहम सुझाव दिये थे। इसमें मदरसों में जुमा (शुक्रवार) की जगह पर रविवार को छुटटी रखने का सुझाव भी शामिल है। छुटटी को लेकर फैसला किये जाने की चर्चा पर बोर्ड के चेयरमैन ने साफ किया कि अभी जुमा की छुटटी में बदलाव को लेकर कोई फैसला नही लिया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों मदरसों में जुमा तो कुछ ने रविवार को छुटटी रखने का सुझाव दिया है। अभी किसी भी सुझाव पर कोई फैसला नही लिया गया। सभी सुझावों पर बोर्ड की अगली बैठक में चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
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मौलाना यासूब जुमा की छुटटी के पक्ष में
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ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने मदरसों में जुमा की छुटटी में किसी भी तरह के बदलाव पर ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि मदरसों में जुमा में अवकाश रखा जाये क्योंकि जुमा में नमाज पढ़ने के लिये जाते हैं और फरायज पूरे करते हैं। उन्होंने मदरसों में ड्रेस कोड लागू करने का भी विरोध किया। मुख्यमंत्री ने मदरसों के पाठयक्रम में बगैर छेड़छाड़ किये आधुनिक शिक्षा की बात कही थी, मैं उसका समर्थन करता हूं लेकिन मदरसों के वजूद को खत्म करके शिक्षा देने का मैं विरोध करता हूं।