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मरीज की मौत पर बवाल, नर्स को लात-घूसों से पीटा

Sat, 09 Jan 2016 02:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बहराइच
ब्यूरो/अमर उजाला, बहराइच Updated Sat, 09 Jan 2016 02:37 AM IST
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A nurse get beaten when a patient died in hospital.

इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक मरीज की शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। इस पर गुस्साए तीमारदारों ने स्टाफ नर्स की लात-घूंसों से पिटाई कर दी। इमरजेंसी ओपीडी व वार्ड में तैनात डॉक्टर व कर्मियों ने भागकर जान बचाई।

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सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर मामला शांत कराया। तीमारदारों ने स्टाफ नर्स पर गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए प्रभारी सीएमएस को पत्र दिया है। इस घटना के बाद अस्पताल कर्मियों में आक्रोश है।
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दरगाह मोहल्ला निवासी इसरार अहमद (55) को शुक्रवार सुबह 10:30 बजे जिला अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी ओपीडी इंचार्ज डॉ. एपी मिश्रा ने इसरार की हालत देख उसे तत्काल भर्ती करते हुए उपचार शुरू कराया। इसरार को सीने में तेज दर्द था और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
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डॉ. एपी मिश्रा ने वरिष्ठ चेस्ट रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन डॉ. पारितोष मिश्रा को कॉल भेजकर उनसे भी सेहत का परीक्षण कराया। डॉ. पारितोष ने दवाएं लिखीं। वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स आर. जॉर्ज डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं इसरार को दे रही थीं।

तीमारदारों ने खूब हंगामा किया

A nurse get beaten when a patient died in hospital.

इस दौरान नर्स जॉर्ज ने जैसे ही सिफाटेक्सिन एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन लगाया, इसरार अहमद को बेचैनी शुरू हो गई और कुछ ही पलों में उन्होंने दम तोड़ दिया। इससे तीमारदारों का गुस्सा भड़क उठा।

तीमारदारों ने नर्स जॉर्ज पर गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए लात-घूसों से उनकी पिटाई की। वार्ड से लेकर इमरजेंसी ओपीडी तक तीमारदारों ने खूब हंगामा किया।

अस्पताल प्रशासन की सूचना पर थोड़ी देर में नगर कोतवाल संजय सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर मजिस्ट्रेट वीएन पांडेय व नगर क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार भी पहुंचे। सभी ने दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर आक्रोशित भीड़ को शांत कराया।

तीमारदारों ने नहीं कराया पोस्टमार्टम

A nurse get beaten when a patient died in hospital.

डॉक्टरों ने मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए इसरार के शव के पोस्टमार्टम कराने की इच्छा जताई। कई डॉक्टरों ने यह मुद्दा पुलिस के सामने भी उठाया लेकिन तीमारदारों ने इंकार कर दिया। परिवारीजन शव लेकर घर चले गए।

डॉ. का दावा, इंजेक्शन से नहीं हो सकती मौत

जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस व इलाज करने वाले डॉ. पारितोष मिश्रा ने बताया कि इसरार अहमद क्रॉनिक डायबिटीज से ग्रसित था। उसके सीने में इंफेक्शन था। सुबह अर्द्घबेहोशी में परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।

भर्ती होने का समय रोगी की स्थिति बेसिक हेल्थ टिकट पर नोट है। इलाज के दौरान उसकी मौत हुई है। तीमारदारों ने इंजेक्‍शन लगाने के तरीके पर सवाल उठाया है लेकिन सिफाटेक्सिन इंजेक्शन तेज या धीमा लगाने से मृत्यु होना संभव नहीं है।

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