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Lucknow News: डिजिटल फाइनेंस की ताकत से गांव-कस्बों से उठ रहा नया भारत

Sun, 07 Dec 2025 02:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Sun, 07 Dec 2025 02:44 AM IST
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A new India is rising from villages and towns, powered by digital finance.
सम्मेलन में ब्रोशर लांच करते एवोक इंडिया के एमडी प्रवीण कुमार द्विवेदी, बीएसई की चीफ रिस्क ऑफिस
लखनऊ। यूपीआई ने ठेला-फेरी वालों से लेकर ग्रामीण बाजारों तक अपनी मजबूत पकड़ बनाकर डिजिटल साक्षरता को नई ऊंचाई दी है। 2017 के बाद डिजिटल सेवाओं, ई-गवर्नेंस और आर्थिक सुधारों ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ पारदर्शिता भी बढ़ाई है। वित्तीय साक्षरता विकसित भारत के निर्माण की मूलभूत आवश्यकता है। यह बातें डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एवोक इंडिया के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय साक्षरता सम्मेलन में कहीं।
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गोमतीनगर स्थित एक होटल में शनिवार को आयोजित ‘डिजिटल फाइनेंस फॉर ऑल—बिल्डिंग ट्रस्ट एंड इनोवेशन इन रूरल इंडिया’ विषयक आठवें संस्करण का उद्घाटन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन, भारत सरकार की आर्थिक सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. केवी राजू, बीएसई की चीफ रिस्क ऑफिसर कमला कांतराज, सेबी के सदस्य अमरजीत सिंह और एवोक इंडिया के एमडी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने किया।
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सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर मंथन किया। विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले दस वर्षों में देश में बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुआ है लेकिन वित्तीय साक्षरता अभी भी चुनौती है। 90 करोड़ लोगों के पास मोबाइल फोन है पर वित्तीय लेनदेन करने वालों का प्रतिशत सिर्फ 35 है। शेष 65 प्रतिशत आबादी तक वित्तीय जागरूकता पहुंचाना समय की जरूरत है। कार्यक्रम में चार पैनल डिस्कशन हुए, जिनमें 30 वक्ताओं ने विचार साझा किए। 200 से अधिक प्रतिभागी मौजूद रहे।
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पिछले 10 वर्षों में हुए बड़े आर्थिक सुधार

लखनऊ। परिचर्चा में आर्थिक सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. केवी राजू ने बताया कि देश में 65,000 करोड़ रुपये से अधिक के डिजिटल ट्रांजेक्शन और 12,000 लाख करोड़ रुपये के कुल वित्तीय लेनदेन हो रहे हैं। उन्होंने आरबीआई और सेबी की पहल, डिजिटल पेमेंट इंडेक्स, फिनटेक उत्पादों और डिजिलॉकर की आसान उपलब्धता को डिजिटल समावेशन की बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि 15,000 डिजिटल सर्विस सेंटर, 6G-सक्षम ढांचा और 75 शहरों तक डिजिटल सेवाओं का विस्तार ग्रामीण व कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है। बीएसई की चीफ रिस्क ऑफिसर कमला कांतराज ने बताया कि निवेशकों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है, जिसमें युवा वर्ग की भागीदारी सर्वाधिक है। तीन स्तंभ वित्तीय साक्षरता, सूचना तक पहुंच और तकनीक वित्तीय लाभ पाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।


क्यूआर कोड और ओटीपी से पैसा जाता है, आता नहीं

लखनऊ। डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने के साथ साइबर अपराधों में भी इजाफा हुआ है। इससे निपटने के लिए यूपी पुलिस के साइबर सुरक्षा सलाहकार राहुल मिश्रा ने कहा कि यह याद रखना जरूरी है कि क्यूआर कोड स्कैन करने या ओटीपी शेयर करने से पैसा जाता है, आता नहीं। सावधानी रखकर कई तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। सलाह दी कि क्रेडिट-डेबिट कार्ड का तीन अंकों का सीवीवी नंबर याद कर लें और कार्ड पर उस हिस्से को मार्कर से ढक दें ताकि फ्रॉड की आशंका कम हो। प्रदेश की 25 करोड़ आबादी के मुकाबले पुलिस फोर्स सिर्फ 6 लाख की है। इसलिए साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस को और अपग्रेड होने की जरूरत है।

सम्मेलन में ब्रोशर लांच करते एवोक इंडिया के एमडी प्रवीण कुमार द्विवेदी, बीएसई की चीफ रिस्क ऑफिस

सम्मेलन में ब्रोशर लांच करते एवोक इंडिया के एमडी प्रवीण कुमार द्विवेदी, बीएसई की चीफ रिस्क ऑफिस

सम्मेलन में ब्रोशर लांच करते एवोक इंडिया के एमडी प्रवीण कुमार द्विवेदी, बीएसई की चीफ रिस्क ऑफिस

सम्मेलन में ब्रोशर लांच करते एवोक इंडिया के एमडी प्रवीण कुमार द्विवेदी, बीएसई की चीफ रिस्क ऑफिस

सम्मेलन में ब्रोशर लांच करते एवोक इंडिया के एमडी प्रवीण कुमार द्विवेदी, बीएसई की चीफ रिस्क ऑफिस

सम्मेलन में ब्रोशर लांच करते एवोक इंडिया के एमडी प्रवीण कुमार द्विवेदी, बीएसई की चीफ रिस्क ऑफिस

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