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मंत्री के फर्जी साइन से बाबू ने पाई मनचाही तैनाती!

Fri, 17 Apr 2015 10:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 17 Apr 2015 10:36 AM IST
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A man used fake sign of Uttar Pradesh minister.

शिक्षा विभाग में गड़बड़ घोटाले का कोई जोड़ नहीं है। अधिकारी से लेकर बाबू तक कब कौन सा गुल खिला दें कोई कुछ नहीं कह सकता।

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एक ऐसा ही कारनामे का खुलासा हुआ है जिसमें इलाहाबाद के एक वरिष्ठ लिपिक ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली के फर्जी हस्ताक्षर के सहारे मनचाही तैनाती पाने में सफलता प्राप्त कर ली।

जब इसकी जांच कराई गई तो बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव अजीत प्रकाश की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

वरिष्ठ लिपिक को निलंबित कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने के साथ संयुक्त सचिव को बेसिक शिक्षा विभाग से हटा दिया गया है।

प्रदेश में शिक्षा विभाग का बहुत बड़ा दायरा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के दफ्तरों में जरूरत के हिसाब से पोस्टिंग की जाती रहती है।
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शिक्षा विभाग के कई अधिकार व कर्मचारी ऐसे हैं जो मनचाही तैनाती के लिए जोड़तोड़ में लगे रहते हैं। इसमें कुछ ऐसे भी होते हैं जो नियमों को ताक पर रखने से भी नहीं चूकते हैं। ऐसा ही एक मामला इलाहाबाद का है।

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इस तरह सामने आया मामला

A man used fake sign of Uttar Pradesh minister.

उप शिक्षा निदेशक कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक मोहम्मद अबरार ने जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय कार्यालय में तैनाती पाने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली के हस्ताक्षर का सहारा लिया।

शासन स्तर पर जांच में पाया गया कि बेसिक शिक्षा विभाग के अनुभाग-2 ने मोहम्मद अबरार की पत्नी माजिदा बेगम के प्रार्थना पत्र की छायाप्रति पर एक विधायक के लेडर पैड पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री के हस्ताक्षर के आधार पर अपर निदेशक बेसिक इलाहाबाद को मोहम्मद अबरार को जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय कार्यालय में तैनात करने का आदेश जारी कर दिया गया।


माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शिकायत के आधार पर जब इसकी जांच कराई तो संयुक्त सचिव बेसिक शिक्षा अजीत प्रकाश की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

इसके आधार पर दोषी वरिष्ठ लिपिक के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देने के साथ संयुक्त सचिव बो सचिवालय प्रशासन को समर्पित कर दिया गया है।

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