छुट्टी न देने पर सीनियर महिला साथियों का नंबर एफबी पर डाला, लिखा कॉलगर्ल
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एनजीओ में काम करने वाले एक युवक ने अपनी सीनियर महिला साथियों का मोबाइल नंबर फेसबुक पर डाल दिया। नंबर के साथ कॉल मी, आईएम कॉलगर्ल लिख दिया। साथ ही उनकी अश्लील फोटो भी डाल दी। इसके बाद युवतियों के नंबर पर कॉल करने वाले अश्लील बातें करते।
इससे परेशान होकर पीड़िता ने साइबर सेल से संपर्क किया और हुसैनगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई। बुधवार को साइबर सेल और हुसैनगंज पुलिस ने आरोपी युवक को विकासनगर से गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर हुसैनगंज राजकुमार सिंह ने बताया कि विकासनगर सेक्टर पांच निवासी ऋषभ चंद्रा विभूतिखंड स्थित कॉल सेंटर में काम करता था। यह कॉल सेंटर एक एनजीओ चलाता है। जो सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी लोगों को मोबाइल नंबरों के जरिए देता है। ऋषभ इस कॉल सेंटर में कॉल टेकर के पद पर तैनात है।
इसी सेंटर में दो युवतियां सुपरवाइजर के पद पर तैनात हैं। मई के अंतिम सप्ताह में एक दिन ऋषभ ने अपनी ड्यूटी सुबह छह से दो बजे के बीच में छुट्टी मांगी। एक युवती ने छुट्टी देने से मना कर दिया। इस पर वह लड़ाई करने लगा। बीच बचाव करने आई दूसरी सुपरवाइजर युवती से भी उसकी कहासुनी हो गई। इससे वह नाराज हो गया। कुछ दिन बाद उसने अपने फर्जी फेसबुक पर दोनों युवतियों का मोबाइल नंबर डाल दिया।
चार साल पहले बनाई थी युवती के नाम से फेसबुक
साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी युवक चार साल पहले हाईस्कूल में था। इसी दौरान उसने साथ में पढ़ने वाली छात्रा के नाम से एक फर्जी फेसबुक आईडी तैयार की।
इसी फेसबुक के जरिए उसने कई महिलाओं और युवतियों से दोस्ती की। इस फेसबुक पर बने ज्यादातर दोस्तों से वह अश्लील चैटिंग करता था। कुछ के नंबर पर भी वह बातचीत करता था। यह फेसबुक आईडी दीक्षा गुप्ता नाम से बनाई थी।
उन्होंने बताया कि जब युवतियों ने शिकायत की तो फेसबुक प्रोफाइल का आईपी लॉग की पड़ताल की गई। जो ऋषभ चंद्रा के नाम से निकला। ऋषभ किसान बीमा योजना नाम की कंपनी में काम करता है। सपा सरकार में कंपनी के नाम के आगे समाजवादी लगा रखा था। सरकार बदलते ही समाजवादी हटा दिया गया।
युवतियों के अश्लील फोटो और वीडियो पोस्ट किया
पुलिस के मुताबिक, ऋषभ ने छात्रा के नाम से बनी फेसबुक पर कंपनी की सहयोगी युवतियों का मोबाइल नंबर डाल दिया। साथ ही अश्लील फोटो और वीडियो पोस्ट कर दिए।
इतना ही नहीं उसने युवतियों की तरफ से कई अश्लील मैसेज भी डाले। फेसबुक पर जुड़े लोगों ने युवतियों के पोस्ट पर अश्लील कमेंट भी किए। ऋषभ ने इस फेसबुक से कंपनी की दोनों युवतियों को भी जोड़ दिया।
देर रात आने लगे कॉल, तो परेशान हुईं युवतियां
फेसबुक पर फर्जी पोस्ट होने के बाद युवतियों के मोबाइल नंबर पर कॉल आने लगे। युवतियों से कॉल करने वाले अश्लील बातें करते। कॉल काटने पर भद्दी गालियां देने लगते। देर रात को शराब के नशे में धुत लोग कॉल करने लगे। इससे परेशान युवतियों ने साइबर सेल में संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद हुसैनगंज थाने में तहरीर दी।
इस पर साइबर सेल ने जांच शुरू की। इस काम में साइबर सेल में तैनात इंस्पेक्टर विजयवीर सिंह सिरोही, कांस्टेबल शरीफ खान, फिरोज बदर, अखिलेश कुमार सिंह, महिला कांस्टेबल शाइस्ता खान और कांस्टेबल रामप्रवेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।