लखनऊ: ठाकुरगंज में पत्नी की हत्या के बाद पति ने फांसी लगाकर दी जान, घरेलू कलह में उजड़ा परिवार
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ठाकुरगंज के बरौरा हुसैनबाड़ी निवासी 40 वर्षीय पीओपी व टाइल्स कारीगर गजेंद्र ने पत्नी रूबी की गला कसकर हत्या के बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बुधवार सुबह मकान मालिक ने दरवाजा खटखटाया तो भीतर गजेंद्र की मासूम बेटी वंशिका और काव्या आईं लेकिन वह दरवाजा नहीं खोल सकी। वह कमरे में गईं तो पिता को फंदे से लटका व मां को बेड पर पड़ा देख रोने लगीं।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने किसी तरह बच्चियों को पुचकारकर दरवाजा खुलवाया और दंपती के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एडीसीपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि दंपती के बीच मंगलवार रात झगड़ा हुआ था। गजेंद्र ने आगरा में रह रहे परिजनों को फोन कर खुदकुशी करने की बात भी कही थी। हालांकि, पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की जांच की जा रही है।
एडीसीपी ने बताया कि गजेंद्र मूलरूप से आगरा के अछनेरा स्थित मंगोरा गांव का रहने वाला है और करीब छह महीने से बरौरा हुसैनबाड़ी में सफदर अली के मकान में पत्नी रूबी व सात साल की बेटी वंशिका और पांच साल की काव्या के साथ किराये पर रह रहा था। वह ठेके पर पीओपी और टाइल्स का काम करता था।
मंगलवार रात किसी बात को लेकर उसकी पत्नी से कहासुनी हो गई। दोनों में काफी झगड़ा हुआ जिसके बाद गजेंद्र ने आगरा में अपने परिजनों को फोन कर घटनाक्रम बताया। उसने पत्नी के व्यवहार से परेशान होने और खुदकुशी करने की बात कही। परिजनों ने उसे समझाने का प्रयास किया तो उसने कॉल डिस्कनेक्ट कर दी। इसके बाद परिजनों ने उसे कई कॉल की लेकिन बात नहीं हो सकी। बुधवार सुबह भी परिजनों ने गजेंद्र को फोन किया पर कॉल रिसीव नहीं हुई।
बच्चियों को पुचकारकर पुलिस ने खुलवाया दरवाजा
इसके बाद परिजनों ने मकान मालिक सफदर अली से संपर्क कर गजेंद्र से बात कराने को कहा। सफदर ने अपने भतीजे को गजेंद्र के पास भेजा। उसने दरवाजा खटखटाया लेकिन भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं सुनाई दी। इस बीच सफदर अली व आसपास के लोग मौके पर आ गए।
गजेंद्र को पुकारने पर उसकी दोनों बेटियां आईं तो उनसे दरवाजा खोलने को कहा गया। हालांकि, वह दरवाजा नहीं खोल पा रही थीं। माता-पिता को बुलाने के लिए कहने पर बच्चियां कमरे में गईं तो नजारा देखकर रोने-चीखने लगीं।
सूचना पाकर आई पुलिस ने किसी तरह बच्चियों से दरवाजे की कुंडी खुलवाई और भीतर प्रवेश किया। कमरे में पलंग पर रूबी का शव पड़ा था जबकि पंखे से बने फंदे से गजेंद्र लटका हुआ था। रूबी के गले में दुपट्टा कसा था। इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि गजेंद्र और रूबी के बीच झगड़ा हुआ था जिसके बाद उसने रूबी की गला कसकर हत्या कर दी और खुद फंदे से लटक गया।
बालागंज चौकी तक पहुंचा था मामला पर पुलिस ने टरका दिया
गजेंद्र और रूबी के बीच हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि दोनों बालागंज पुलिस चौकी पहुंच गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने दोनों की बात सुनी। इसके बाद घरेलू मामला बताते हुए रूबी को डांटकर भगा दिया। कुछ देर के बाद गजेंद्र को भी समझाकर घर भेज दिया। घर पहुंचते ही गजेंद्र और रूबी के बीच फिर से कहासुनी व मारपीट शुरू हो गई। गुस्साए गजेंद्र ने आगरा में अपने परिजनों को फोन कर खुदकुशी करने की बात कही और पत्नी का गला कसने के बाद खुद आत्महत्या कर ली।