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Lucknow News: डायरिया में जरा सी लापरवाही ले सकती बच्चे की जान
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लखनऊ। डायरिया प्रबंधन को लेकर सीएमओ ऑफिस में शनिवार को कार्यशाला हुई। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने पांच साल तक के बच्चों में डायरिया प्रबंधन, कारणों और बचाव को लेकर जानकारी साझा की।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि बारिश के मौसम में डायरिया के मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में समुदाय को डायरिया के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके तहत स्टॉप डायरिया अभियान शुरू किया गया है। डफरिन अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान ने बताया कि छह माह तक के बच्चे को केवल स्तनपान कराएं। चिकित्सक की सलाह पर ही ओआरएस दें। डायरिया होने का मुख्य कारण साफ सफाई व स्वच्छ पेयजल का अभाव है। बासी खाना, बाहर का खाना, बिना धुले फल व कच्ची सब्जियों से बचना चाहिए। बच्चे को मल धोने के बाद, खाना बनाने से पहले और बाद में साबुन और पानी से हाथ धोएं। साथ ही बच्चे को रोटा वायरस का टीका जरूर लगवाएं।
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सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि बारिश के मौसम में डायरिया के मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में समुदाय को डायरिया के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके तहत स्टॉप डायरिया अभियान शुरू किया गया है। डफरिन अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान ने बताया कि छह माह तक के बच्चे को केवल स्तनपान कराएं। चिकित्सक की सलाह पर ही ओआरएस दें। डायरिया होने का मुख्य कारण साफ सफाई व स्वच्छ पेयजल का अभाव है। बासी खाना, बाहर का खाना, बिना धुले फल व कच्ची सब्जियों से बचना चाहिए। बच्चे को मल धोने के बाद, खाना बनाने से पहले और बाद में साबुन और पानी से हाथ धोएं। साथ ही बच्चे को रोटा वायरस का टीका जरूर लगवाएं।
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