रेलवे ट्रैक पर आया मगरमच्छ, सवा घंटे खड़ी रही ट्रेन
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यूपी के बहराइच जिले के अंतर्गत आने वाले बिछिया क्षेत्र में एक अनोखी घटना हुई। एक मगरमच्छ नाले से निकलकर रेलवे ट्रैक पर आकर लेट गया। यहां के स्थानीय ओरई नाला से निकला एक मगरमच्छ मंगलवार सुबह मैलानी-गोंडा प्रखंड के रेल ट्रैक पर पहुंच गया।
घना जंगल होने के चलते मैलानी की ओर से आ रही पैसेंजर ट्रेन के चालक ने मगरमच्छ को देखकर ट्रेन रोक दी। लगभग एक घंटे तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही। सूचना के बावजूद वनकर्मी नहीं पहुंचे तो यात्रियों ने पत्थर मारकर मगरमच्छ को रेलवे ट्रैक से हटाया। इसके बाद ट्रेन रवाना हो सकी।
काफी देर बाद पहुंचे कतर्नियाघाट के वनकर्मियों ने झाड़ियों से मगरमच्छ को बरामद कर पिंजरे में कैद किया। उसे निशानगाड़ा रेंज कार्यालय ले जाया गया है। डीएफओ के आने का इंतजार किया जा रहा है। मगरमच्छ को गेरुआ नदी में छोड़ा जाएगा।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के बीच से होकर मैलानी-गोंडा प्रखंड की रेल लाइन गुजरती है। मझरा से ककरहा तक 60 किलोमीटर की दूरी में घना जंगल है। यह रेल लाइन जंगल के साथ कई नदी और नालों से होकर मैदानी इलाकों में निकलती है। वन्यजीवों की सुरक्षा के चलते जंगल में ट्रेन की रफ्तार काफी धीमी रहती है।
ट्रेन चालक ने दिखाई सावधानी
मंगलवार सुबह 10 बजे के आसपास मैलानी से चलकर गोंडा जाने वाली 5258 पैसेंजर ट्रेन जब निशानगाड़ा रेंज अंतर्गत किलोमीटर संख्या 178 के पास पहुंची तो ट्रेन चालक एके सिंह ने रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा जीव दिखाई पड़ा दिया। जिस पर उन्होंने ट्रेन को कुछ दूर पहले ही रोक लिया।
ट्रेन चालक उतरकर आगे बढ़ तो उन्हें विशालकाय मगरमच्छ दिखा। वह रेलवे ट्रैक के बीचोबीच पड़ा था। इस पर चालक सहम गए। इसी दौरान कुछ यात्री भी मौके पर पहुंच गए। अफरा तफरी की स्थिति बन गई। 20 मिनट तक मगरमच्छ के ट्रैक से हटने का इंतजार किया गया। लेकिन जब वह ट्रैक पर पड़ा रहा तब चालक ने वाकीटॉकी से निशानगाड़ा और बिछिया रेलवे स्टेशन पर सूचना दी।
रेलकर्मियों ने तत्काल रेंज कार्यालय निशानगाड़ा को अवगत कराया। लेकिन एक घंटा बीतने तक कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इस पर यात्रियों ने मगरमच्छ की ओर पत्थर फेंकना शुरू किया। इस पर मगरमच्छ रेलवे ट्रैक से उतरकर झाड़ियों में छिप गया। तब 11:15 बजे ट्रेन गंतव्य की ओर रवाना हो सकी। इस दौरान यात्री हलाकान रहे।
कतर्नियाघाट रेंज के वनकर्मियों ने पकड़ा
रेलवे ट्रैक पर मगरमच्छ पहुंचने की सूचना निशानगाड़ा रेंजर गयादीन ने कतर्नियाघाट रेंज कार्यालय पर दी। वहां से नाविक रामरूप वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। झाड़ियों में छिपे मगरमच्छ को काबू में कर उसे पिंजरे में कैद किया गया।
वन क्षेत्राधिकारी गयादीन ने बताया कि मगरमच्छ को रेंज कार्यालय लाया गया है। डीएफओ को सूचना दी गई है। उनके आने पर मगरमच्छ को कहां पहुंचाना है, निश्चित किया जाएगा।
डीएफओ आशीष तिवारी का कहना है कि रेलवे ट्रैक पर पहुंचा मगरमच्छ पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि गेरुआ नदी मगरमच्छ और घड़ियालों के लिए काफी मुफीद है। इसी नदी में मगरमच्छ को छोड़ा जाएगा।