फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   a committee for muzaffarnagar riots

शिवपाल तय करेंगे, किस अधिकारी को कहां जाना है

Tue, 01 Oct 2013 09:23 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Tue, 01 Oct 2013 09:23 AM IST
विज्ञापन
a committee  for muzaffarnagar riots

मुजफ्फरनगर-शामली में भाईचारा कायम कर बेघर लोगों को बसाने के लिए गठित मंत्रियों की कमेटी के एक्शन प्लान पर सोमवार को सहमति हो गई।

विज्ञापन


सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और नगर विकास मंत्री आजम खां ने इस पर मुहर लगा दी। तय हुआ कि मंत्री कैंपों और गांवों में जाएंगे। यही नहीं अफसरों के रवैये में सुधार के लिए उनके पेंच और कसे जाएंगे।


शिवपाल यादव की अध्यक्षता में उनके निवास पर सोमवार शाम चार बजे हुई मंत्रियों की दस सदस्यीय कमेटी की बैठक में मंत्रियों ने दंगा प्रभावित इलाकों में कैम्पों में रह रहे लोगों की वापसी के लिए गंभीरता से प्रयास करने का फैसला किया।

विज्ञापन


घंटों हुई माथापच्ची

इसके लिए तय हुआ कि कैम्पों और गांवों में जाकर जिम्मेदार लोगों से बातचीत कर हल निकालने की कोशिश की जाएगी। मंत्री कब और कहां जाएंगे ? यह तय करने की जिम्मेदारी शिवपाल को सौंपी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्रियों के दौरे तीन अक्तूबर के बाद तय होंगे। दो अक्तूबर को सभी जिलों में सद्भावना एकता सभाएं की जाएंगी। कमेटी में शामिल सभी मंत्री शिवपाल सिंह के आवास से सीधे विक्रमादित्य मार्ग पर मुलायम सिंह के निवास पर चले गए। वहां

पढ़ें- सहमी सरकार, बोली अब नहीं होगी कोई पंचायत

सपा मुखिया के अलावा मुख्यमंत्री अखिलेश और आजम खां भी मौजूद थे। मुलायम ने कहा कि सभी लोग मिलजुलकर ऐसा रास्ता निकालें जिससे कैम्पों से लोगों की वापसी हो सके, उनके नुकसान की भरपाई और शांति कायम हो सके।


अफसरों पर साधा निशाना

आजम खां ने कहा कि एफआईआर सभी लोगों की दर्ज होनी चाहिए। यदि गलत एफआईआर कराई जाती हैं तो फाइनल रिपोर्ट लगा दी जाए। दोषियों को बख्शा न जाए और बेगुनाह लोगों को परेशान न किया जाए।

पढ़ें- 'मृतक आश्रितों को तीन-तीन लाख देने से पीछे हटा केंद'



उन्होंने अफसरों के रवैये में सुधार की बात उठाई। कहा कि कुछ अफसर मनमानी कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों पर लगाम लगाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में जहां खामियां हैं, उन्हें दुरुस्त किया जाएगा। सभी ने मंत्रियों द्वारा बनाई गई योजना पर सहमति जताते हुए इसे अमल में लाने के निर्देश दिए।


पाबंदी के बावजूद मेरठ में कैसे जुटी भीड़

मुजफ्फरनगर-शामली के दंगा प्रभावितों को फिर से गांवों में भेजने के मुद्दे पर बुलाई गई बैठक में काफी देकर तक मेरठ के सरधना क्षेत्र के खेड़ा गांव की पंचायत का मुद्दा छाया रहा।

पढ़ें- मुजफ्फरनगर हिंसा के मृतक आश्रितों को मिली नौकरी

मंत्रियों ने सवाल उठाया कि रोक के बावजूद पंचायत के लिए क्यों हजारों लोगों की भीड़ जुटी। कहा गया कि पुलिस का पर्याप्त बंदोबस्त था, महिला पुलिस भी काफी संख्या में थी। फिर भी हजारों की भीड़ स्कूल के मैदान में कैसे पहुंच गई। पंचायत स्थल से पहले लोग क्यों नहीं रोके गए?


पढ़ें- मेरठ में गोलीबारी के लिए सपा जिम्मेदार: लक्ष्मीकांत वाजपेई

आजम क्यों हो गए अलग-थ्ालग

मीटिंग के दौरान मुलायम सिंह ने इस बात पर नाराजगी जताई कि मुजफ्फरनगर दंगों के बाद जब भाजपा व अन्य दल आजम खां की घेराबंदी कर रहे थे।

तब सरकार के मुस्लिम मंत्री चुप क्यों रहे। उन्होंने कहा, सरकार की एकजुटता का संदेश देना जरूरी होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed