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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   A case has been registered against the warden of Kasturba Gandhi Residential School for beating up female students in the footage.

Lucknow News: फुटेज में छात्राओं को पीटते दिखीं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन, केस दर्ज

Mon, 06 Oct 2025 02:26 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 06 Oct 2025 02:26 AM IST
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A case has been registered against the warden of Kasturba Gandhi Residential School for beating up female students in the footage.
रविवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जांच के लिए पहुंची टीम।  - फोटो : संवाद

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लखनऊ। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय खुजौली की वार्डन/प्रिंसिपल सुधा यादव छात्राओं को मारते-पीटते व प्रताड़ित करते हुए सीसीटीवी फुटेज में दिखी हैं। खंड शिक्षा अधिकारी ने रविवार को उनके खिलाफ मोहनलालगंज थाने में केस दर्ज कराया है। उधर, प्राथमिक जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद वार्डन की संविदा समाप्त करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। बाकी दो दिन में जांच टीम विस्तृत रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी। अगर कोई और भी जांच की जद में आया तो उस पर भी कार्रवाई होगी।

मोहनलालगंज तहसील में शनिवार को समाधान दिवस पर स्कूल की छात्राओं ने डीएम से शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि वार्डन और प्रिंसिपल उनको प्रताड़ित करते हैं। स्कूल में शौचालय की साफ सफाई करवाते हैं। वहीं, रात में कुछ लोग गाड़ियों से स्कूल परिसर में आते हैं। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वार्डन को तत्काल हटाने का आदेश दिया था और जांच कमेटी गठित की थी। जांच समिति के एडीएम-6 शिप्रा पाल, एडीएम सिविल सप्लाई ज्योति गौतम, एआर कॉपरेटिव वैशाली सिंह को शामिल किया गया था। तीनों अफसर रविवार को स्कूल परिसर पहुंची। सबसे पहले छात्राओं के बयान लिए। लगभग सभी छात्राओं ने आरोपों को दोहराया। फिर समिति ने प्रिंसिपल, वार्डन समेत अन्य शिक्षकाें व कर्मचारियों के भी बयान लिए। देर शाम जांच टीम ने डीएम को प्राथमिक जांच सौंपी। इसके आधार पर वार्डन की संविदा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू की गई। वार्डन पर मारपीट, प्रताड़ित करने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
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...और गहनता से देखी जा रहीं फुटेज

जांच टीम करीब छह घंटे तक स्कूल रही। टीम ने डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) को कब्जे में ले लिया। शुरुआती फुटेज में मारने पीटने का आरोप सही पाया गया। चूंकि और भी गंभीर आरोप छात्राओं ने लगाए थे इसलिए जांच टीम फुटेज और गहनता से खंगाल रही है।
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कुछ वीडियो भी बनाए गए हैं

सूत्रों के मुताबिक स्कूल में शिक्षकों के गुट बने हैं। जिन्होंने स्कूल को अखाड़ा बना रखा है। इसकी वजह से छात्राओं का काफी नुकसान हो रहा है। ये भी पता चला कि कुछ लोगों ने छात्राओं के फोन पर बातचीत करते हुए वीडियो बनाए हैं जिससे उनको परेशान किया जा सके। अधिकारियों ने इन आरोपरों को गंभीरता से लिया है।

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शिक्षा विभाग के अफसर क्या करते रहे?

छात्राओं का उत्पीड़न काफी समय से हो रहा था। जब प्रताड़ना असहनीय हो गया तब उन्होंने डीएम से शिकायत की। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अफसर भी सवालों के घेरे में हैं। यदि छात्राओं को प्रताड़ित किया जा रहा था उनको भनक क्यों नहीं लगी? साफ है कि वह न तो इन स्कूलों की जांच-पड़ताल करते हैं और न ही उनकी निगरानी। छात्राओं की शिकायत ने इन अफसरों की लापरवाही भी उजागर कर दी है।

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जांच समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर वार्डन पर केस दर्ज कराया गया है। उनकी संविदा समाप्त करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। विस्तृत जांच की जा रही है। फाइनल जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


- विशाख जी, जिलाधिकारी

रविवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जांच के लिए पहुंची टीम। 

रविवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जांच के लिए पहुंची टीम। - फोटो : संवाद

रविवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जांच के लिए पहुंची टीम। 

रविवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जांच के लिए पहुंची टीम। - फोटो : संवाद

रविवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जांच के लिए पहुंची टीम। 

रविवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जांच के लिए पहुंची टीम। - फोटो : संवाद

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