बाराबंकी: 13 साल की फूल-सी बच्ची बनी मां
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वह बच्ची है। महज 13 साल की। इस उम्र में वह दरिंदगी का शिकार हुई। सोमवार को फूल-सी यह बच्ची मां बन गई। एक बच्ची की मां। वह आईसीयू में है। ...तो उसका परिवार बाहर। पर, सवालों के भंवर में डूबता-उतराता।
सवाल वही लोकलाज का। सवाल इस बात का भी, जमाना इस नन्ही-मुन्नी को क्या कहेगा? अनचाही...? क्या उसे जमाना इज्जत बख्शेगा? स्वीकारेगा?
बाराबंकी की इस बच्ची के साथ इसी साल 17 फरवरी को गांव के ही एक लड़के ने दुष्कर्म किया। किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी। जुलाई में बच्ची की तबीयत बिगड़ी तो उसके गर्भवती होने का पता चला।
शनिवार को उसे केजीएमयू के क्वीन मेरी अस्पताल में भर्ती किया गया। सोमवार को उसने बच्ची को जन्म दिया। सीजेरियन प्रसव हुआ। जच्चा-बच्चा दोनों को डॉक्टरों की देखरेख में आईसीयू में रखा गया है। फिलहाल दोनों का स्वास्थ्य स्थिर बताया जा रहा है।
सवालों से डरे परिवारीजनों ने कोर्ट में लगाई थी गुहार
जमाने के सवालों का डर। लोकलाज का डर। बच्ची की जिंदगी का डर। ये डर ही थे कि बच्ची के पिता कोर्ट पहुंचे। पहले बाराबंकी कोर्ट, फिर हाईकोर्ट। एक ही गुहार थी, गर्भपात कराने की इजाजत दी जाए।
हाईकोर्ट के आदेश से क्वीन मेरी अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण हुआ। पता चला वह साढ़े छह माह के गर्भ से थी। डॉक्टरों ने कहा-गर्भपात से उसकी जान तक जा सकती है। आखिर परिवार ने प्रसव कराने का फैसला किया।
पिता ने कहा-समझ में नहीं आ रहा क्या करें
पीड़िता के पिता का कहना है कि आईसीयू में सिर्फ उसकी मां को ही जाने दिया जा रहा है। न तो उन्होंने अपनी बेटी को देखा है और न ही उसकी बच्ची को। मुझे समझ ही नहीं आ रहा कि क्या किया जाए?