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गुरुजी अब नहीं बन पाएंगे परीक्षा नियंत्रक
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 03 Aug 2013 07:49 AM IST
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प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अब कोई शिक्षक परीक्षा नियंत्रक नहीं बन पाएगा।
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मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री अखिलेश यादव लखनऊ विश्वविद्यालय, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर और पंडित दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर में परीक्षा नियंत्रक का पद रजिस्ट्रार को दिलाने जा रहे हैं।
राजभवन ने चार जुलाई को कुछ बिंदुओं पर सवाल पूछे थे जिसके बाद शासन ने 12 जुलाई को संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजकर इन पदों पर रजिस्ट्रार की तैनाती की कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
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ऐसे में परीक्षा नियंत्रक के पद से गुरुजी की छुट्टी तय मानी जा रही है। अभी इन तीन विश्वविद्यालयों को छोड़कर बाकी अन्य नौ राज्य विश्वविद्यालयों में परीक्षा नियंत्रक का पद रजिस्ट्रार के ही पास है।
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होगी सख्ती
उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 16-ख के अंतर्गत परीक्षा नियंत्रक विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार ही होता है। ऐसे में अब एक्ट को सख्ती से लागू करवाने का काम किया जा रहा है।
इसकी जानकारी कुलाधिपति बीएल जोशी को शासन की ओर से भेजी जा रही है।
दरअसल, राजभवन ने शासन से चार बिंदुओं पर सवाल पूछे थे। इसके बाद सभी सवालों के जवाब तैयार करने और सुसंगत व्यवस्था करवाने की पहल शुरू कर दी गई है। अब सभी के जवाब राजभवन को भेजे जा रहे हैं।
इसके अलावा उप्र राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 18 के अंतर्गत समन्वय परिषद और उप्र राज्य उच्च शिक्षा परिषद के गठन पर भी जानकारी मांगी गई है।