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वाह री पंचायत! दस रुपए के स्टांप पर करवा दिया तलाक
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 31 Jul 2013 10:30 AM IST
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गांव के चंद लोग इकट्ठा हुए। थाने के बाहर मन्दिर में ही पुलिस की मौजूदगी में पंचायत लगाई। सबने मिलकर 10 रुपए के स्टाम्प पेपर लिखा-पढ़ी करवाई और दो जिंदगियों का फैसला कर दिया।
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शादी के छह महीने बाद ही दोनों का तलाक करवा दिया। यहीं पर शादी के दौरान दहेज के लेन-देन का भी हिसाब करवा दिया। दोनों पक्षों ने अपने घरों से सामान मंगवाकर एक-दूसरे को लौटा दिया।
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पुलिस अब इस मामले की जानकारी से इनकार कर रही है। यह घटना राजधानी के ही मलिहाबाद की है।
तहसील के सैमसी गांव में रहने वाले श्याम कुमार की बेटी सुषमा (काल्पनिक नाम) की शादी छह माह पहले बिराहिमपुर गांव में सुभाष (काल्पनिक नाम) के साथ हुई थी। दोनों का विवाह हिन्दू रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के बाद ही पति-पत्नी में अनबन होने लगी।
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इसी वजह से पत्नी अपने मायके चली गई थी। कुछ दिन पहले सुशीला ने पति के खिलाफ पुलिस से शिकायत की।
इसी शिकायत पर पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया। दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश की लेकिन कोई हल नहीं निकला। इस पर पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को बुलाया और पंचायत लगवाई।
पंचायत में मलिहाबाद थाने का ही इलाकाई दरोगा भी मौजूद था। दरोगा के समक्ष पंचायत ने नवविवाहिता जोड़े को ताउम्र अलग रहने का फरमान सुना दिया। पंचायत के फैसले को दोनों पक्षों ने मान लिया।
पंचायत ने शादी के दौरान हुए लेनदेन का सामान भी वापस करने को कहा। फैसले के अनुसार दोनों पक्षों ने सामान एक-दूसरे ने लौटा दिया।
पंचायत ने दोनों पक्षों को संतुष्ट करने के लिए दस रुपए के स्टांप पेपर पर लिखा-पढ़ी भी करा दी। इंस्पेक्टर मलिहाबाद जितेंद्र पाल से इस मुद्दे पर बात की गई तो उन्होंने इसकी जानकारी से इनकार किया। उन्होंने बताया कि हमें तो कुछ नहीं मालूम, आपसे ही जानकारी मिली है।
इस प्रकार की न तो कोई शिकायत आई है और न ही कंट्रोल रुम में को सूचना दी गई है। यदि कोई शिकायत लेकर आएगा तो कार्रवाई की जाएगी। पंचायत के फैसले के दौरान दरोगा की उपस्थित के बाबत इंस्पेक्टर ने जांच कराने की बात कही है।
पहले भी हुए ऐसे तलाक
दो माच, 2013-माल थाने के शाहपुर गोड़वा की युवती और शाहमऊ के युवक के बीच पंचायत ने तलाक करवाया। यह तलाक भी पुलिस की मौजूदगी में हुआ।
29 सितम्बर, 2013-मलिहाबाद के ढेढेमऊ की युवती और माल के सालेह नगर के कल्लू के बीच पंचायत ने तलाक करवाया। पति ने दूसरी शादी कर ली और पहली पत्नी को तलाक देकर उसका बच्चा भी छीन ले गया था।