अफसर ही नहीं तो कैसे मिलेगा 'गुड गवर्नेंस'?
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गुड गवर्नेंस की कवायद और ट्रांसफर-पोस्टिंग में उलझी सरकार की नजर शायद इस ओर नहीं है कि शासन में प्रांतीय सेवा (पीसीएस) के विशेष सचिवों के 110 में से 95 पद खाली हो गए हैं।
ऐसे में प्रशासनिक कामकाज की रफ्तार बढ़ाने की योजना कितना रंग ला पाएगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। शासन में पीसीएस काडर के लिए विशेष सचिव स्तर के 110 पद तय हैं लेकिन इनमें से करीब 15 अधिकारी ही कार्यरत हैं।
हाल ही में 27 पीसीएस अधिकारियों को आईएएस में पदोन्नति मिलने के बाद काडर के विशेष सचिवों की कमी 95 तक पहुंच गई।
जानकार बताते हैं कि शासन में जो आईएएस अधिकारी विशेष सचिव के पद पर आते हैं वे जल्दी-जल्दी बदलते रहते हैं। विशेष सचिव स्तर के पीसीएस अधिकारी भी न होने का असर सीधे कामकाज पर पड़ रहा है।
अफसरों को पदोन्नति का इंतजार
बताया जाता है कि 14300-18300 वेतनमान में 200 पद हैं। इनमें से 95 को 16400-20000 के वेतनमान में पदोन्नति देकर इस कमी को पूरा किया जा सकता है।
इनमें भी करीब 56 अधिकारियों को तत्काल पदोन्नति दी जा सकती है। ये एक साल से ज्यादा समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। बाकी अधिकतर इनके बाद पदोन्नति की अर्हता प्राप्त कर चुके हैं।
खास बात यह कि विशेष सचिव स्तर पर पदोन्नतियां न होने का नुकसान सिर्फ इस पद पर आने के इंतजार में खड़े 95 अधिकारियों को ही नहीं हो रहा है बल्कि 14300-18300 से कम वेतनमान वाले अधिकारी भी समय सीमा पूरी करने के बावजूद आगे के वेतनमान में नहीं बढ़ पा रहे हैं।
इससे पीसीएस अफसरों में कुंठा बढ़ रही है। विशेष सचिव स्तर पर पदोन्नति होने के बाद करीब 100 अधिकारी 12000-16500 वेतनमान से 14300-18300 में पदोन्नत हो सकेंगे। इनके आगे बढ़ने पर करीब इतने ही अधिकारी 10000-15200 वेतनमान से 12000-16500 में पदोन्नति पा सकेंगे। रिक्तियां होने पर सरकार नियमों को शिथिल कर भी पदोन्नतियां दे सकती है।
इसी महीने हो सकती है डीपीसी
कार्मिक एवं नियुक्ति विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विशेष सचिवों के पद काफी संख्या में रिक्त होने की बात शासन के संज्ञान में है।
14 हजार से 16 हजार के वेतनमान में पदोन्नति देकर विशेष सचिव बनाने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारी के अनुसार पदोन्नति की प्रतीक्षा वाले अधिकारियों की दस वर्ष की इंट्री देखकर मेरिट के आधार पर पदोन्नति होती है।
विभाग इसी महीने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में डीपीसी कराके पात्र अधिकारियों को विशेष सचिव पद पर पदोन्नति देने की कोशिश में है।
अफसरों में बढ़ रही कुंठा
पीसीएस एसोशिएशन के अध्यक्ष आरके पांडेय का कहना है कि ‘‘ एसोसिएशन ने शासन से काडर के रिक्त विशेष सचिव पदों को भरने की मांग की है।
पदोन्नति न होने से न सिर्फ पदोन्नति की प्रतीक्षा में खड़े अधिकारियों में कुंठा बढ़ती है बल्कि अधिकारियों की कमी से प्रशासनिक कामकाज पर भी असर पड़ता है।
सरकार ने इधर पीसीएस से आईएएस में पदोन्नतियां तेजी से की हैं। उम्मीद है,जल्द ही इन रिक्त पदों को भी भरने की कार्रवाई की जाएगी। विशेष सचिव स्तर पर पदोन्नति से सरकार पर कोई विशेष आर्थिक बोझ भी नहीं आना है।’’