धूमधाम से मनाया गया क्वीन मैरी हॉस्पिटल का स्थापना दिवस, डॉक्टरों को किया गया सम्मानित
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केजीएमयू के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉक्टर बिपिन पुरी ने कहा कि क्वीन मैरी हॉस्पिटल में 8 बेड का एच डी यू और चार बेड वेंटिलेटर युक्त होने से प्रसूताओं को राहत मिली है। इन्हें अब वेंटिलेटर के लिए दूसरी जगह शिफ्ट करने की जरूरत नहीं पड़ती है। जल्दी अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। वह हॉस्पिटल के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में नर्सेज सहित अन्य स्टाफ की कमी भी पूरी की जाएगी। इस दौरान डॉ. जयदीप मलहोत्रा ने कहा कि चिकित्सकों को खुद के लिए भी समय निकालना चाहिए। उन्होंने योग व्यायाम सहित अन्य गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ चंद्रावती ने भी संबोधित किया।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर उमा सिंह ने बताया कि हॉस्पिटल में बेडों की संख्या बढ़कर 275 से 342 हो गयी है। नया लेबर रूम कामप्लेक्स, पार्किंग, नयी लाइब्रेरी कमेटी हॉल, 100 बेडेड एमसीएचविंग बनने से काफी राहत मिली है। इस साल 3,210 प्रसव हुए हैं। कुल 336 कोविड संक्रमित प्रसूताओं का इलाज किया गया जिसमें 183 डिलिवरी एवं 147 जटिल ऑपरेशन तथा 46 क्रिटिकल एवं गम्भीर प्रसूताओं को इलाज मिला है।
इनका हुआ सम्मान
स्थापना दिवस समारोह में चिकित्सकों में डॉक्टर शुभी अग्रवाल, डॉ मोना असनानी, डॉ मोनिका अग्रवाल, डॉ वंदना सोलंकी, डॉ नम्रता कुमार, डॉ मंजू लता वर्मा, डॉ रेनू, डॉ स्मृति अग्रवाल, डॉक्टर पुष्प लता संखवार, डॉ सीमा मेहरोत्रा, रेजिडेंट में डॉ सादमा सिद्दकी, डॉ रेनू गंगवार, डॉ अदिति, डॉ प्रियंका, डॉ नेहा, डॉ पूर्वी, डॉ नमिता, डॉक्टर खुशबू , डॉक्टर आकांक्षा, डॉ रेनू गौर को सम्मानित किया गया। इसी तरह स्टाफ नर्स में शिल्पी वर्मा, नीतू यादव, एवं श्रीमती प्रवीण व श्रीमती सायरा को सम्मानित किया गया।