{"_id":"593d8d264f1c1b6c718b4582","slug":"81497206054-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुल्तानपुर और बाराबंकी के लिए ..हमले से घायल सिपाही इलाज के लिए चार घंटों तक भटका-LKO CITY","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुल्तानपुर और बाराबंकी के लिए ..हमले से घायल सिपाही इलाज के लिए चार घंटों तक भटका-LKO CITY
Updated Mon, 12 Jun 2017 04:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच घंटे तक इलाज के लिए भटकता रहा जख्मी सिपाही
केजीएमयू से भेजा बलरामपुर, यहां इमरजेंसी का हवाला देकर नहीं दिया एआरवी
परेशान होकर पुलिस के आला अधिकारियों को किया फोन तब मिला इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। तेंदुए के हमले में घायल सिपाही रविवार को पांच घंटे तक इलाज के लिए भटकता रहा। केजीएमयू से रेफर होकर बलरामपुर अस्पताल आए सिपाही ने थक हारकर एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों को फोन किया तब इलाज मिल पाया।
जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर निवासी इंद्रभूषण बाराबंकी के रामनगर थाने में सिपाही के रूप में तैनात हैं। इस समय इंद्रभूषण की ड्यूटी डायल 100 पर है। रविवार सुबह आठ बजे महादेवा के पास टटेरपुर गांव में तेंदुआ घुसने की सूचना मिली तो टीम के साथ पहुंच गए। गांव वालों ने तेंदुए को घेर रखा था। इसी बीच मौका पाकर भागे तेंदुए ने इंद्रभूषण पर पंजों व दांतों से हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आननफानन साथ गई टीम ने पहले जिला अस्पताल ले गई, जहां से केजीएमयू रेफर कर दिया गया। रामनगर में ही तैनात सिपाही जगदंबा प्रसाद व सिपाही सुशील कुमार गौतम उन्हें केजीएमयू लेकर आए। यहां से इंद्रभूषण को बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस पर राजधानी की डायल 100 टीम इंद्रभूषण को इमरजेंसी लेकर आई। यहां मौजूद डॉक्टर ने एंटी रेबीज वैक्सीन न होने पर दूसरे दिन आने को कहा। इस बीच दर्द से बेहाल सिपाही चार घंटे तक डायल 100 गाड़ी में पड़ा रहा। साथ आए सिपाहियों ने एसएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को फोन किया, जिसके बाद घायल का इलाज शुरू हुआ।
इमरजेंसी में एंटी रेबीज की वैक्सीन मौजूद नहीं होती। मरीज को भर्ती कर लिया गया है। इलाज किया जा रहा है।
-डॉ. ऋषि सक्सेना, सीएमएस बलरामपुर अस्पताल
विज्ञापन
केजीएमयू से भेजा बलरामपुर, यहां इमरजेंसी का हवाला देकर नहीं दिया एआरवी
परेशान होकर पुलिस के आला अधिकारियों को किया फोन तब मिला इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। तेंदुए के हमले में घायल सिपाही रविवार को पांच घंटे तक इलाज के लिए भटकता रहा। केजीएमयू से रेफर होकर बलरामपुर अस्पताल आए सिपाही ने थक हारकर एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों को फोन किया तब इलाज मिल पाया।
जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर निवासी इंद्रभूषण बाराबंकी के रामनगर थाने में सिपाही के रूप में तैनात हैं। इस समय इंद्रभूषण की ड्यूटी डायल 100 पर है। रविवार सुबह आठ बजे महादेवा के पास टटेरपुर गांव में तेंदुआ घुसने की सूचना मिली तो टीम के साथ पहुंच गए। गांव वालों ने तेंदुए को घेर रखा था। इसी बीच मौका पाकर भागे तेंदुए ने इंद्रभूषण पर पंजों व दांतों से हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आननफानन साथ गई टीम ने पहले जिला अस्पताल ले गई, जहां से केजीएमयू रेफर कर दिया गया। रामनगर में ही तैनात सिपाही जगदंबा प्रसाद व सिपाही सुशील कुमार गौतम उन्हें केजीएमयू लेकर आए। यहां से इंद्रभूषण को बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस पर राजधानी की डायल 100 टीम इंद्रभूषण को इमरजेंसी लेकर आई। यहां मौजूद डॉक्टर ने एंटी रेबीज वैक्सीन न होने पर दूसरे दिन आने को कहा। इस बीच दर्द से बेहाल सिपाही चार घंटे तक डायल 100 गाड़ी में पड़ा रहा। साथ आए सिपाहियों ने एसएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को फोन किया, जिसके बाद घायल का इलाज शुरू हुआ।
विज्ञापन
इमरजेंसी में एंटी रेबीज की वैक्सीन मौजूद नहीं होती। मरीज को भर्ती कर लिया गया है। इलाज किया जा रहा है।
-डॉ. ऋषि सक्सेना, सीएमएस बलरामपुर अस्पताल