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श्रीराम महोत्सव से पूरा होगा राम मंदिर निर्माण का सपना : चंपत राय
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:04 PM IST
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अयोध्या। श्रीराम महोत्सव में सभी धर्मपंथों के भक्तों की ओर से की गई पूजा से संयुक्त शक्ति की प्राप्ति हुई है, जिससे शीघ्र ही राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे पूर्व 1990 में भी 90 दिनों का सर्वदेव अनुष्ठान किया गया था, जिसके बाद बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना हुई। इसलिए यह तय है कि श्रीराम महोत्सव से अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण का सपना जरूर पूरा होगा। ये बातें शनिवार को विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने अयोध्या में श्रीराम महोत्सव के समापन पर कारसेवकपुरम में आयोजित महाआरती के बाद कहीं। इस मौके पर राम मंदिर मॉडल की आरती भी की गई।
चंपत राय ने कहा कि बीते वर्ष 24 से 26 नवंबर तक उडुप्पी कर्नाटक में हुए धर्म संसद के निर्णयानुसार देश के सवा लाख गांवों में 18 से 31 मार्च तक राम मंदिर निर्माण की कामना के साथ श्रीराम महोत्सव के आयोजन का निर्णय लिया गया था। इसमें देश भर में जगह-जगह विभिन्न धर्मपंथों के लोगों ने अपनी-अपनी पूजा पद्धति के अनुसार पूजा-अर्चना कर अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया। उन्होेंने कहा कि श्रीराम महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य श्रीराम मंदिर निर्माण की अलख जगाए रखना था।
वहीं, देश के सवा लाख गांवों में संचालित श्रीराम महोत्सव का समापन शनिवार को चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक साथ सभी प्रखंडों में महाआरती के साथ हो गया। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि कारसेवकपुरम में आयोजित महाआरती के मौके पर केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह, सुरेंद्र सिंह, महंत कृष्णाचार्य, कृपालु रामदास, पुजारी रमेशदास, राजूदास, आचार्य इंद्रदेव मिश्र आदि संत-धर्माचार्य मौजूद रहे।
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चंपत राय ने कहा कि बीते वर्ष 24 से 26 नवंबर तक उडुप्पी कर्नाटक में हुए धर्म संसद के निर्णयानुसार देश के सवा लाख गांवों में 18 से 31 मार्च तक राम मंदिर निर्माण की कामना के साथ श्रीराम महोत्सव के आयोजन का निर्णय लिया गया था। इसमें देश भर में जगह-जगह विभिन्न धर्मपंथों के लोगों ने अपनी-अपनी पूजा पद्धति के अनुसार पूजा-अर्चना कर अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया। उन्होेंने कहा कि श्रीराम महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य श्रीराम मंदिर निर्माण की अलख जगाए रखना था।
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वहीं, देश के सवा लाख गांवों में संचालित श्रीराम महोत्सव का समापन शनिवार को चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक साथ सभी प्रखंडों में महाआरती के साथ हो गया। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि कारसेवकपुरम में आयोजित महाआरती के मौके पर केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह, सुरेंद्र सिंह, महंत कृष्णाचार्य, कृपालु रामदास, पुजारी रमेशदास, राजूदास, आचार्य इंद्रदेव मिश्र आदि संत-धर्माचार्य मौजूद रहे।
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