पीते हैं डेरी का दूध, तो हो सकता है बड़ा खतरा!
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कानून की ढीली पकड़ का ही नतीजा है कि दूध के कारोबारी जमकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। दूध में बेधड़क मिलावट जारी है, शहरी घटिया दूध पीने को मजबूर हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा भेजे गए नमूनों की लैब टेस्टिंग रिपोर्ट तो यही कहती है। जांच के लिए भेजे गए 39 में से 11 नमूनों की रिपोर्ट जारी हो गई है।
इसमें से सात नमूने फेल हो गए हैं। इन नमूनों में मिल्क फैट तय मानक से काफी कम मिला। इसके आधार पर ही इन नमूनों को सब स्टैंडर्ड मानते हुए फेल कर दिया गया है।
बाद अब एफएसडीए अधिकारी एक्ट में उल्लेखित प्रावधानों के तहत घटिया दुग्ध बेचने के आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई करेंगे।
मिलावटी दूध की बढ़ती बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई थी। इसके बाद एफएसडीए की जिला इकाई ने तीन माह पहले शहर की दुग्ध मंडियों, डेरियों व दूधिए द्वारा बेचे जा रहे दूध के नमूने जांच के लिए भेजे थे।
यहां से लिए गए नमूने
दूध में मानक के तहत छह फीसदी फैट (घी) और नौ फीसदी अघृत ठोस पदार्थ (प्रोटीन, विटामिन, मिनरल और कारबोहाइड्रेट्स) तय मात्रा से काफी कम पाए गए।
इससे दूध में पानी अथवा मिल्क पाउडर मिलाए जाने की आशंका जताई गई।
अभिहीत अधिकारी जेपी सिंह ने बताया कि जांच में फेल निकले दूध नमूने किसान दुग्ध मंडी सीतापुर रोड, ठाकुरगंज दूध मंडी, यादव दुग्ध डेरी सीआरपीएफ चौराहा बिजनौर रोड, रिजवान डेयरी डालीगंज व बाबा दुग्ध डेरी सी ब्लाक राजाजीपुरम से सील कर लैब भेजे गए थे।
फेल लैब रिपोर्ट के आधार पर अब एफएसडीए अधिकारी आरोपी राम कुमार, मो. अतीक, अमर सिंह, इश्हाक, सूरज यादव, रिजवान व बाबा डेरी के संचालक के खिलाफ वैधानिक नोटिस के बाद मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई करेंगे।