{"_id":"64ea0e26b23977674f0d6c85","slug":"69000-teacher-recruitment-case-cm-residence-will-be-surrounded-for-one-issue-2023-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"69000 शिक्षक भर्ती मामला: एक अंक के लिए सीएम आवास का होगा घेराव, 19 दिन से चल रहा धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
69000 शिक्षक भर्ती मामला: एक अंक के लिए सीएम आवास का होगा घेराव, 19 दिन से चल रहा धरना
Sun, 27 Aug 2023 11:37 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 27 Aug 2023 11:37 AM IST
सार
धरने में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि 10 महीने पहले 09 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने एक अंक बढ़ाने से संबंधित आदेश दिया। अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था।
विज्ञापन
धरना पर बैठे शिक्षक अभ्यर्थी। सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
69000 शिक्षक भर्ती में एक अंक से नियुक्ति पाने से वंचित अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब देता दिख रहा है। अभ्यर्थी ईको गार्डन में 19 दिन से धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास का घेराव करेंगे और उनसे मिलकर अपनी बात रखने का प्रयास करेंगे। क्योंकि विभागीय अधिकारी उनकी बात सुन नहीं रहे हैं।
विज्ञापन
धरने में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि 10 महीने पहले 09 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने एक अंक बढ़ाने से संबंधित आदेश दिया। अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था। किंतु बेसिक शिक्षा विभाग ने अभी तक हमें एक अंक से नियुक्ति से वंचित रखा है। जब उन्होंने निदेशालय में धरना दिया तो उन्हें कोरा आश्वासन देकर ईको गार्डेन भेज दिया गया। किंतु 19 दिन में कोई भी इससे जुड़ी कार्यवाई नहीं की।
विज्ञापन
धरना दे रहे दुर्गेश शुक्ला, रोहित शुक्ला, राम मिश्रा, प्रसून दीक्षित ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग हमें जान बूझकर नियुक्ति नहीं दे रहा है। मजबूरन जल्द ही हम सभी अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की जानकारी देंगे। उनसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नियुक्ति देने की मांग करेंगे।
विज्ञापन