तैयार है यूपी से पढ़े-लिखे सांसदों की फौज
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यूपी से इस दफा देश की संसद के लिए चुने गए 80 में से 62 यानी हर चार में तीन सांसद उच्च शिक्षित हैं।
इसी तरह पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुके 27 सांसद हैं। वहीं ग्रेजुएट सांसदों की संख्या 25 है।
यानी पीजी कर चुके नेता ज्यादा चुने गए। कुल मिलाकर केवल 18 सांसद ऐसे हैं जो 12वीं या उससे कम पढ़े हैं।
कहा जा सकता है कि इस बार यूपी से हाईली क्वालीफाइड सांसदों की फौज है, जो कहीं न कहीं देश के विकास के लिए बेहतर सोच रखती है।
40 साल से कम उम्र के 18 सांसद
इस तरह सूबे के मतदाताओं ने अपना नजरिया साफ कर दिया है कि वे पढ़े-लिखे सांसदों को अपना प्रतिनिधि बनाना चाहते हैं।
वहीं इन 80 सांसदों की औसत उम्र करीब 50 वर्ष है, जिनमें 40 साल से कम उम्र के सांसदों की संख्या 18 है।
इसे युवा राजनीति के एक सुनहरे दौर की शुरुआत की तरह देखा जा रहा है।
इन नए जनप्रतिनिधियों से जहां बेहतर और स्वस्थ लोकतंत्र की उम्मीद जगती है, वहीं जनता की परख क्षमता और पसंद में आ रहे बदलावों की भी पुष्टि भी हो जाती है।
सबसे युवा सांसद हैं अक्षय यादव
देश की 16वीं लोकसभा में उत्तर प्रदेश की नुमाइंदगी करने वाले सांसदों में सबसे युवा फीरोजाबाद से जीत हासिल करने वाले सपा के अक्षय यादव हैं।
वहीं 28 साल की प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से सांसद चुनी गई हैं। प्रियंका ने उम्र में ढाई गुना से अधिक बड़े वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पीएल पुनिया को करीब दोगुने वोटों से मात दी है।
अक्षय जहां ग्रेजुएट हैं वहीं प्रियंका पोस्ट ग्रेजुएट। वहीं सूबे से चुने गए सांसदों में 18 सांसद 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग के हैं, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि क्यों उत्तर प्रदेश को देश का सबसे युवा प्रदेश कहा जाता है।
वहीं 40 से 60 वर्ष के 42 सांसद और 20 सांसद 60 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। कानपुर से चुने गए 80 वर्ष के मुरली मनोहर जोशी सबसे बुजुर्ग सांसद हैं।