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Lucknow News: शहर के 61 दूरस्थ फ्लैट स्वामियों को कर जमा करने से राहत
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लखनऊ हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के 61 दूरस्थ फ्लैट स्वामियों को नगर निगम कर जमा करने में फिलहाल राहत दी है। कोर्ट ने वर्ष 2024 तक का बकाया कर जमा कराने पर रोक लगा दी है, जो याचिका के अंतिम परिणाम के अधीन होगा। हालांकि, इन्हें मौजूदा बकाया कर के साथ वर्ष 2024- 25 का नगर निगम कर जमा करना होगा।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश सुधीर कुमार पांडेय समेत 61 दूरस्थ फ्लैट स्वामियों की याचिका पर दिया। याचियों ने पांच साल का कर न जमा कराने का आग्रह किया है।
याचियों का कहना था कि वर्ष 2019 से इन्हें 5 साल तक का कर जमा करने से छूट दी गई थी। कहा गया था कि जब तक इनके इलाके में सड़कें, पेयजल और स्ट्रीट लाइट्स उपलब्ध नहीं कराए जाते या फिर पांच साल तक, जो पहले हो, कर नहीं देना होगा। इसके बावजूद उनसे कर मांगा जा रहा है। कोर्ट ने मामले में शहरी विकास विभाग समेत पक्षकारों को चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके दो सप्ताह बाद याचियों की तरफ से इसका प्रतिउत्तर दाखिल किया जा सकेगा। अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।
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न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश सुधीर कुमार पांडेय समेत 61 दूरस्थ फ्लैट स्वामियों की याचिका पर दिया। याचियों ने पांच साल का कर न जमा कराने का आग्रह किया है।
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याचियों का कहना था कि वर्ष 2019 से इन्हें 5 साल तक का कर जमा करने से छूट दी गई थी। कहा गया था कि जब तक इनके इलाके में सड़कें, पेयजल और स्ट्रीट लाइट्स उपलब्ध नहीं कराए जाते या फिर पांच साल तक, जो पहले हो, कर नहीं देना होगा। इसके बावजूद उनसे कर मांगा जा रहा है। कोर्ट ने मामले में शहरी विकास विभाग समेत पक्षकारों को चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके दो सप्ताह बाद याचियों की तरफ से इसका प्रतिउत्तर दाखिल किया जा सकेगा। अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।
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