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61 फीसदी उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को नकारा, ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर ले रहे फीडबैक
Sun, 29 Nov 2020 08:27 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 29 Nov 2020 08:27 PM IST
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स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता पर उपभोक्ताओं के फीडबैक ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की नींद उड़ा दी है। ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर लिए जा रहे फीडबैक के पहले ही दिन 61 फीसदी उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को नकार दिया। सिर्फ 38 प्रतिशत उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से संतुष्ट हैं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा लिखित फीडबैक का आंकड़ा सामने लाने के बाद से बिजली कंपनियों में हड़कंप की स्थिति है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने डायल ‘1912’ के माध्यम से पहले दिन 2230 उपभोक्ताओं से बात कर उनका फीडबैक लिया। इसमें 1067 ने असंतुष्टि जाहिर की और 669 उपभोक्ता संतुष्ट दिखे। 6 उपभोक्ताओं ने पूर्ण संतुष्टि जताई, जबकि 488 उपभोक्ताओं की कोई राय अंकित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह स्थिति तब है, जब उपभोक्ताओं ने खुद लिखित फीडबैक दिए हैं। घर-घर जाकर फीडबैक लेने पर असंतुष्टों का आंकड़ा और बढे़गा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उपभोक्ताओं का फीडबैक सामने आया है, उससे आगे की कार्यवाही में लीपापोती की आशंका है। मीटर निर्माता कंपनियां और ईईएसएल मिलकर कोई बड़ा खेल कर सकती हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से बेबाक राय देने की अपील की है।
फीडबैक के आधार पर हो कार्रवाई
सभी निगमों में कमोबेश ऐसा ही फीडबैक आने से उन बिजली कंपनियों और उनके मददगारों में हड़कंप है, जो अब तक स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता पर उठने वाले सवालों की लीपापोती में जुटे थे। वे स्मार्ट मीटर बनाने वाली कंपनियों को बचा रहे थे। उपभोक्ता परिषद ने फीडबैक के आधार पर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने डायल ‘1912’ के माध्यम से पहले दिन 2230 उपभोक्ताओं से बात कर उनका फीडबैक लिया। इसमें 1067 ने असंतुष्टि जाहिर की और 669 उपभोक्ता संतुष्ट दिखे। 6 उपभोक्ताओं ने पूर्ण संतुष्टि जताई, जबकि 488 उपभोक्ताओं की कोई राय अंकित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह स्थिति तब है, जब उपभोक्ताओं ने खुद लिखित फीडबैक दिए हैं। घर-घर जाकर फीडबैक लेने पर असंतुष्टों का आंकड़ा और बढे़गा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उपभोक्ताओं का फीडबैक सामने आया है, उससे आगे की कार्यवाही में लीपापोती की आशंका है। मीटर निर्माता कंपनियां और ईईएसएल मिलकर कोई बड़ा खेल कर सकती हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से बेबाक राय देने की अपील की है।
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फीडबैक के आधार पर हो कार्रवाई
सभी निगमों में कमोबेश ऐसा ही फीडबैक आने से उन बिजली कंपनियों और उनके मददगारों में हड़कंप है, जो अब तक स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता पर उठने वाले सवालों की लीपापोती में जुटे थे। वे स्मार्ट मीटर बनाने वाली कंपनियों को बचा रहे थे। उपभोक्ता परिषद ने फीडबैक के आधार पर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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