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Lucknow News: फिटनेस सर्टिफिकेट के इंतजार में 600 वाहन
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लखनऊ। ट्रांसपोर्टनगर स्थित आरटीओ के फिटनेस सेंटर पर पांचवें दिन भी कामकाज ठप रहा। पोर्टल अपडेशन के चलते वाहनों के फिटनेस टेस्ट का काम नहीं हुआ। पांच दिन से 600 वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट के इंतजार में हैं।
उधर, बगैर फिटनेस के राजधानी की सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की संख्या 3800 पार हो गई है। ऐसे में हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
परिवहन विभाग के इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर (आईएनसी) पर वाहनों का फिटनेस टेस्ट होता है। बीते शुक्रवार की दोपहर से ऑटोमेटेड फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम पर फीस जमा नहीं हो पा रही है। इसके चलते बुधवार को भी वाहनों की फिटनेस का काम अटकने से लोग परेशान रहे। सेंटर पर रोजना 80 से 120 गाड़ियों को फिटनेस टेस्ट के लिए स्लॉट दिया जाता है।
परेशान ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक आरटीओ के चक्कर लगा रहे हैं। ट्रांसपोर्टर सिकंदर सिंह ने बताया कि वाहनों की फिटनेस न होने से डीजल, पेट्रोल, दूध, सब्जी, दाल सहित अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति बाधित हो सकती है। स्कूली वाहनों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है।
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फिटनेस सेंटर की जगह एटीसी
परिवहन विभाग के फिटनेस सेंटर की जगह पर ऑटोमेटेड फिटेनस स्टेशन (एटीएस) बनाए जा रहे हैं। प्रदेश में आठ जगहों पर इन्हें शुरू किया गया है, लेकिन ट्रांसपोर्टर इसके विरोध में हैं। झांसी में अवैध वसूली और उसके बाद हुई एफआईआर ने एटीएस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एटीएस को लेकर कई और समस्याएं भी हैं, जिनके जवाब अफसरों के पास नहीं हैं।
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उधर, बगैर फिटनेस के राजधानी की सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की संख्या 3800 पार हो गई है। ऐसे में हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
परिवहन विभाग के इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर (आईएनसी) पर वाहनों का फिटनेस टेस्ट होता है। बीते शुक्रवार की दोपहर से ऑटोमेटेड फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम पर फीस जमा नहीं हो पा रही है। इसके चलते बुधवार को भी वाहनों की फिटनेस का काम अटकने से लोग परेशान रहे। सेंटर पर रोजना 80 से 120 गाड़ियों को फिटनेस टेस्ट के लिए स्लॉट दिया जाता है।
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परेशान ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक आरटीओ के चक्कर लगा रहे हैं। ट्रांसपोर्टर सिकंदर सिंह ने बताया कि वाहनों की फिटनेस न होने से डीजल, पेट्रोल, दूध, सब्जी, दाल सहित अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति बाधित हो सकती है। स्कूली वाहनों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है।
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फिटनेस सेंटर की जगह एटीसी
परिवहन विभाग के फिटनेस सेंटर की जगह पर ऑटोमेटेड फिटेनस स्टेशन (एटीएस) बनाए जा रहे हैं। प्रदेश में आठ जगहों पर इन्हें शुरू किया गया है, लेकिन ट्रांसपोर्टर इसके विरोध में हैं। झांसी में अवैध वसूली और उसके बाद हुई एफआईआर ने एटीएस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एटीएस को लेकर कई और समस्याएं भी हैं, जिनके जवाब अफसरों के पास नहीं हैं।