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59 प्रतिशत उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से असंतुष्ट, ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर लिया गया फीडबैक

Tue, 29 Dec 2020 11:24 AM IST
ishwar ashish नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 29 Dec 2020 11:24 AM IST
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59 percent consumers are unsatisfied from smart meter in lucknow
स्मार्ट मीटर। - फोटो : amar ujala

स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश पर उपभोक्ताओं से फीडबैक लेने का सिलसिला शुरू हुआ है। दिसंबर के फीडबैक में राजधानी के 59 प्रतिशत उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से असंतुष्ट दिखे हैं। सिर्फ 36 फीसदी ने इस सिस्टम को सराहा है। वहीं, पांच प्रतिशत उपभोक्ताओं ने कोई टिप्पणी नहीं की है।

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राजधानी में लगभग चार लाख उपभोक्ताओं के घर-दुकान में स्मार्ट मीटर लगे हैं। इनमें चिनहट, गोमती नगर, रहीम नगर, बीकेटी, कानपुर रोड, ठाकुरगंज, अपट्रॉन और चौक खंड के इलाकों के रहने वाले हैं। इन खंडीय इलाकों में दिसंबर में स्मार्ट मीटर का फीडबैक लिया गया। यह सिलसिला जारी है।
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पुराने शहर, चिनहट में सर्वाधिक असंतुष्ट
ठाकुरगंज खंड के अधिशासी अभियंता अशोक सुंदरम सहित कई ने बताया कि फीडबैक में सबसे ज्यादा पुराने शहर के चौक, चौपटिया, ठाकुरगंज, सआदतगंज, नूरबाड़ी, बाजारखाला, नक्खास, नादान महल रोड के उपभोक्ता असंतुष्ट निकले। चिनहट के अधिशासी अभियंता प्रेमचंद्र के अनुसार अब तक जितने फीडबैक लिए, उनमें 70 फीसदी उपभोक्ता स्मार्ट मीटर हटाने की मांग कर रहे हैं।

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उपभोक्ता बोले, तेज चलता है स्मार्ट मीटर

अधिशासी अभियंताओं ने फीडबैक लेने के लिए लाइनमैन को संक्षिप्त विवरण दर्ज करने वाला फॉर्म देकर उपभोक्ताओं से रूबरू कराया। इस दौरान अधिकतर ने कहा कि स्मार्ट मीटर से पहले उनका 1500 रुपये का बिल आता था, जो अब तीन से चार हजार रुपये तक आ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना था कि स्मार्ट मीटर तेज चलता है।

जांच में सही पाए गए स्मार्ट मीटर
रहीम नगर खंड के अधिशासी अभियंता दिलीप कुमारधर द्विवेदी ने बताया कि उनके डिवीजन में अब तक सिर्फ आठ उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर तेज चलने की शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, चेक मीटर (नॉन स्मार्ट) लगवाकर जांच कराई तो ये आरोप भी गलत निकले। कहा कि स्मार्ट मीटर सही तरीके से काम कर उपभोग होने वाली बिजली की यूनिट को जोड़ रहे हैं।

स्मार्ट मीटर खुद दर्ज करते हैं रीडिंग, डिमांड

कानपुर रोड खंड के अधिशासी अभियंता भरत सिंह ने बताया कि उनके इलाके में 42 हजार उपभोक्ताओं में से 20 हजार के घर व दुकान पर स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है। ये मीटर खुद जलने वाली बिजली की रीडिंग और उसकी मांग दर्ज कर लेते हैं।

कहा कि जो उपभोक्ता दो किलोवाट का कनेक्शन लेकर पांच किलोवाट तक लोड पर बिजली जलाते है, स्मार्ट मीटर उनका अधिक बिल बना रहा। इन्हें अतिरिक्त लोड का फिक्स चार्ज देना पड़ता है। पहले एजेंसी कर्मचारी और उपभोक्ता साठगांठ कर डिमांड को सिस्टम पर फीड नहीं कराते थे।

स्मार्ट मीटर लगाने के प्रोजेक्ट पर लगे पाबंदी
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने प्रबंधन से मांग की है कि यूपी पावर कार्पोरेशन में चल रहे स्मार्ट मीटर लगाने के प्रोजेक्ट पर पाबंदी लगाई जाए। कहा कि फीडबैक में 59 फीसदी उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से असंतुष्ट हैं। इन मीटर की गुणवत्ता की भी जांच कराई जाए।

अभी फीडबैक की रिपोर्ट पूरी नहीं
मुख्य अभियंता, लेसा ट्रांसगोमती जोन, प्रदीप कक्कड़ ने बताया कि ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर का फीडबैक लेने का सिलसिला जारी है। अब तक एक चौथाई उपभोक्ताओं के फीडबैक लिए जा चुके हैं। अभी रिपोर्ट पूरी नहीं हो सकी है।

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