यूपी में होगी 5883 डॉक्टरों की भर्ती, देखिए
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मुख्य सचिव आलोक रंजन ने चिकित्सकों के खाली चल रहे 5883 पदों पर जल्द भर्ती कराने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से जुलाई में चयनित होने वाले 2868 चिकित्सकों की तैनाती तत्काल की जाए।
मुख्य सचिव ने आदेश दिया कि चिकित्सालयों से गैरहाजिर चल रहे चिकित्सकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र
मुख्यसचिव गुरुवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों के बैठने के लिए कुर्सियों व छाया की व्यवस्था के साथ ही स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में एएनएम तथा जीएनएम के 23-23 प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि लखनऊ में 200 बेड वाले मातृ एवं शिशु चिकित्सालयों का निर्माण नवंबर 2015 तक पूरा करा लिया जाए।
इन जिलों में बनेंगे अस्पताल
इसके अलावा अमेठी, अंबेडकरनगर, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी तथा चित्रकूट जिलों में जून 2016 तक जरूर अस्पताल बनवा लिए जाएं।
50 जिला चिकित्सालयों में 100 बेड के अत्याधुनिक मैटरनिटी विंग के निर्माण के साथ ही 12 जनपदों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 50 बेड के आधुनिक मैटरनिटी विंग का निर्माण फरवरी 2016 तक पूरा कराया जाए।
पारदर्शी प्रक्रिया से 448 फार्मासिस्टों की भर्ती कराई जाए। बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अरविंद कुमार, सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संजय प्रसाद, परियोजना निदेशक अमित घोष आदि उपस्थित थे।
सर्जरी का कोटा होगा फिक्स
प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों में तैनात सर्जनों की सर्जरी का कोटा फिक्स करने जा रही है।
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि सर्जरी करने वाले चिकित्सकों का कोटा निर्धारित किया जाए ताकि लक्ष्य के हिसाब से काम न होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।