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सीतापुर से लखीमपुर का सफर हुआ दुश्वार
Updated Sun, 01 Apr 2018 11:33 PM IST
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रूट बदलने से लखीमपुर का सफर हुआ मुश्किल
सीतापुर। शहर के अंदर जाम की वजह से हुए रूट डायवर्जन की मार सीतापुर से लखीमपुर जाने वाले मुसाफिरों पर भारी पड़ रही है। वैसे तो सीतापुर से लखीमपुर की दूरी महज 46 किलोमीटर है।
इस सफर को तय करने में पहले डेढ़ घंटा लगता था। मगर अब तीन घंटे लगते हैं। जबकि इससे कम समय में तो लोग लखनऊ पहुंच जाते हैं। खास बात ये है कि रूट डायवर्जन से दूरी बढ़ने के चलते दस रुपये किराया भी बढ़ा दिया गया है।
वहीं झरेखापुर से सीतापुर आने वाले मुसाफिर रोडवेज बस का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। लखीमपुर से लखनऊ जाने वाले मुसाफिर घुमावदार मार्गों से पांच से छह घंटे में लखनऊ पहुंच पाते हैं। इससे प्रतिदिन करीब डेढ़ हजार मुसाफिर परेशान होते हैं।
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सीतापुर से लखीमपुर की दूरी महज 46 किलोमीटर है। इस दूरी को तय करने के लिए रोडवेज बस को केवल डेढ़ घंटा लगता था। बसें नैपालापुर वाया बिजवार होते हुए सीतापुर आती-जाती थीं। मगर बिजवार के पास रेलवे ओवरब्रिज बन रहा है।
इसके चलते यहां सड़क खोद दी गई है। आवागमन के लिए संकरा रास्ता ही बचा है। इस रास्ते पर रोडवेज बस निकलना मुश्किल है। इस वजह से बसों का आवागमन बंद हो गया है।
वहीं दूसरा रास्ता नैपालापुर से पुलिस लाइन होते हुए बस अड्डे जाता है। मगर इस रास्ते पर पिछले दिनों कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस वजह से प्रशासन ने नैपालापुर से शहर के अंदर भारी वाहनों की नो इंट्री कर दी।
इससे लखीमपुर जाने वाला सीधा मार्ग बंद हो गया है। अब लखीमपुर जाने वाले बसें बस स्टॉप से निकलकर चुंगी चौकी से श्यामनाथ काजी कमलापुर होते हुए हरगांव पहुंचती हैं।
फिर हरगांव से लखीमपुर जाती हैं। जिसकी वजह से किराया 55 से बढ़कर 65 रुपये हो गया है। वहीं इस रुट पर श्यामनाथ के पास काफी जाम लगा रहता है। इस जाम में फंसकर मुसाफिर परेशान होते हैं।
जिसके चलते वह तीन घंटे में लखीमपुर पहुंच पाते हैं। इतने समय से कम में लोग 90 किलोमीटर दूरी चलकर लखनऊ पहुंच जाते हैं।
दूसरा अगर झरेखापुर के बाशिंदें सीतापुर आना चाहें तो पहले हरगांव जाएं। उसके बाद ही रोडवेज बस का सफर कर सकते हैं।
वहीं, लखीमपुर से लखनऊ जाने वाले मुसाफिर नैपालापुर से कसरैला खैराबाद होते हुए जाते हैं। इस दूरी को तय करने में करीब छह घंटे लगते हैं। इससे मुसाफिरों को बहुत समस्याएं आ रही हैं। समय अधिक के साथ ही उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
एआरएम विमल राजन का कहना है कि, इस दूरी को कम करने व पुल के पास रास्ता बनवाने के लिए डीएम को पत्र लिखा था। जिस पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। मगर अभी सर्वे नहीं हुआ है। कल सिटी मजिस्ट्रेट से इस बारे में वार्ता होगी।
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सीतापुर। शहर के अंदर जाम की वजह से हुए रूट डायवर्जन की मार सीतापुर से लखीमपुर जाने वाले मुसाफिरों पर भारी पड़ रही है। वैसे तो सीतापुर से लखीमपुर की दूरी महज 46 किलोमीटर है।
इस सफर को तय करने में पहले डेढ़ घंटा लगता था। मगर अब तीन घंटे लगते हैं। जबकि इससे कम समय में तो लोग लखनऊ पहुंच जाते हैं। खास बात ये है कि रूट डायवर्जन से दूरी बढ़ने के चलते दस रुपये किराया भी बढ़ा दिया गया है।
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वहीं झरेखापुर से सीतापुर आने वाले मुसाफिर रोडवेज बस का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। लखीमपुर से लखनऊ जाने वाले मुसाफिर घुमावदार मार्गों से पांच से छह घंटे में लखनऊ पहुंच पाते हैं। इससे प्रतिदिन करीब डेढ़ हजार मुसाफिर परेशान होते हैं।
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सीतापुर से लखीमपुर की दूरी महज 46 किलोमीटर है। इस दूरी को तय करने के लिए रोडवेज बस को केवल डेढ़ घंटा लगता था। बसें नैपालापुर वाया बिजवार होते हुए सीतापुर आती-जाती थीं। मगर बिजवार के पास रेलवे ओवरब्रिज बन रहा है।
इसके चलते यहां सड़क खोद दी गई है। आवागमन के लिए संकरा रास्ता ही बचा है। इस रास्ते पर रोडवेज बस निकलना मुश्किल है। इस वजह से बसों का आवागमन बंद हो गया है।
वहीं दूसरा रास्ता नैपालापुर से पुलिस लाइन होते हुए बस अड्डे जाता है। मगर इस रास्ते पर पिछले दिनों कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस वजह से प्रशासन ने नैपालापुर से शहर के अंदर भारी वाहनों की नो इंट्री कर दी।
इससे लखीमपुर जाने वाला सीधा मार्ग बंद हो गया है। अब लखीमपुर जाने वाले बसें बस स्टॉप से निकलकर चुंगी चौकी से श्यामनाथ काजी कमलापुर होते हुए हरगांव पहुंचती हैं।
फिर हरगांव से लखीमपुर जाती हैं। जिसकी वजह से किराया 55 से बढ़कर 65 रुपये हो गया है। वहीं इस रुट पर श्यामनाथ के पास काफी जाम लगा रहता है। इस जाम में फंसकर मुसाफिर परेशान होते हैं।
जिसके चलते वह तीन घंटे में लखीमपुर पहुंच पाते हैं। इतने समय से कम में लोग 90 किलोमीटर दूरी चलकर लखनऊ पहुंच जाते हैं।
दूसरा अगर झरेखापुर के बाशिंदें सीतापुर आना चाहें तो पहले हरगांव जाएं। उसके बाद ही रोडवेज बस का सफर कर सकते हैं।
वहीं, लखीमपुर से लखनऊ जाने वाले मुसाफिर नैपालापुर से कसरैला खैराबाद होते हुए जाते हैं। इस दूरी को तय करने में करीब छह घंटे लगते हैं। इससे मुसाफिरों को बहुत समस्याएं आ रही हैं। समय अधिक के साथ ही उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
एआरएम विमल राजन का कहना है कि, इस दूरी को कम करने व पुल के पास रास्ता बनवाने के लिए डीएम को पत्र लिखा था। जिस पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। मगर अभी सर्वे नहीं हुआ है। कल सिटी मजिस्ट्रेट से इस बारे में वार्ता होगी।