उद्योगों और व्यापारिक क्षेत्रों के लिए 500 करोड़!
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प्रदेश में व्यापारिक, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास कार्य अब तेजी से शुरू हो सकेंगे। आर्थिक रूप से सुदृढ़ सूबे के तीन विकास प्राधिकरण इसके लिए 500 करोड़ रुपये की मदद देने को तैयार हो गए हैं। शासन ने इन प्राधिकरणों को जल्द से जल्द यह रकम कोष में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
प्रदेश के व्यापारिक, वाणिज्यिक व औद्योगिक संगठनों की आमतौर पर यह शिकायत रही है कि उनके क्षेत्रों में सड़क, नाली, प्रकाश जैसी अत्यंत जरूरी अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
दस महीने पहले जनवरी में इसके लिए अवस्थापना विकास कोष का गठन किया गया। तय हुआ था कि अन्य माध्यमों के अलावा आर्थिक रूप से मजबूत विकास प्राधिकरणों से इसके लिए मदद ली जाएगी।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरणों से एकमुश्त 500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनी थी। इसके बाद इस कोष के संचालन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक भी हुई। पर, पिछले आठ महीने में कोई ठोस काम आगे नहीं बढ़ पाया।
100 से 350 करोड़ की राशि तय
हाल ही में आयोजित उद्यमी महासम्मेलन में शामिल कई प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद शासन स्तर पर सक्रियता बढ़ी। अब इन प्राधिकरणों से प्राप्त की जाने वाली रकम का अलग-अलग हिस्सा तय कर दिया गया है।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नोएडा विकास प्राधिकरण से 350 करोड़, ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण से 100 करोड़ और यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण से 50 करोड़ रुपये मदद लेने का फैसला हुआ है।
प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास संजीव सरन ने इन प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को तय रकम जल्द से जल्द कोष में हस्तांतरित करने को निर्देशित किया है। इसके बाद इस धन से होने वाले कार्यों पर विचार होगा।