{"_id":"5aec641b4f1c1b87648b5bf3","slug":"41525441563-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेहूं की तौल न होने के सदमे में किसान की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गेहूं की तौल न होने के सदमे में किसान की मौत
Updated Fri, 04 May 2018 07:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो संख्या 21, 22, 23
गेहूं तौल न होने के सदमे में किसान की मौत
अमेठी के जायस मंडी समिति क्रय केंद्र का मामला
पिछले एक सप्ताह से लगा रहा था चक्कर
तीन दिनों से केंद्र पर ही बीता रहा था रात, एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
फुरसतगंज (रायबरेली)। क्रय केंद्र में गेहूं की तौल न होने के सदमे में एक किसान की शुक्रवार को मौत हो गई। वह पिछले एक सप्ताह से गेहूं की तौल कराने के लिए भागदौड़ कर रहा था। पिछले तीन दिनों से केंद्र पर ही रात बीता रहा था। मामला अमेठी जिले के जायस मंडी समिति के क्रय केंद्र का है। परिवारीजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसडीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
खैरहना गांव निवासी अब्दुल सत्तार (38) पुत्र मोहम्मद उमर गेहूं की तौल कराने के लिए एक सप्ताह से मंडी समिति जायस के चक्कर लगा रहा था। दो मई को उसके गेहूं की तौल होनी थी। वह एक मई को ही ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गेहूं लादकर तौल कराने केंद्र पहुंच गया था। रात में वह केंद्र पर ही रुकता था। बुधवार रात हुई बारिश में अब्दुल भीग भी गया था, लेकिन गेहूं तौल कराने के चक्कर में वह घर नहीं गया और केंद्र पर ही रुक गया। लेकिन तीन मई को भी उसके गेहूं की तौल नहीं हो पाई थी। शुक्रवार सुबह इसी सदमे में उसकी मौत हो गई। उधर, सूचना पर जायस कोतवाल रवींद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। मृतक किसान की मां साकिरा का आरोप है कि केंद्र प्रभारी की लापरवाही के चलते उसके बेटे की मौत हुई है। तौल हो जाती तो शायद यह न होता। जायस कोतवाल का कहना है कि दिल का दौरा पड़ने से किसान की मौत होना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वजह स्पष्ट हो सकेगी।
गेहूं की तौल न होने पर किसान की सदमे में मौत होने की जानकारी हुई है। इस मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
गिरजेश चौधरी, एसडीएम, तिलोई
....
अब्दुल सत्तार का नाम सूची में रजिस्टर्ड नहीं था। किसान की मौत की जानकारी होने पर रजिस्टर चेक कराया गया था। क्रय केंद्र पर आने वाले किसानों को तय समय पर गेहूं तौला जाता है।
अरुणा सिंह, केंद्र प्रभारी
विज्ञापन
गेहूं तौल न होने के सदमे में किसान की मौत
अमेठी के जायस मंडी समिति क्रय केंद्र का मामला
पिछले एक सप्ताह से लगा रहा था चक्कर
तीन दिनों से केंद्र पर ही बीता रहा था रात, एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
फुरसतगंज (रायबरेली)। क्रय केंद्र में गेहूं की तौल न होने के सदमे में एक किसान की शुक्रवार को मौत हो गई। वह पिछले एक सप्ताह से गेहूं की तौल कराने के लिए भागदौड़ कर रहा था। पिछले तीन दिनों से केंद्र पर ही रात बीता रहा था। मामला अमेठी जिले के जायस मंडी समिति के क्रय केंद्र का है। परिवारीजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसडीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
खैरहना गांव निवासी अब्दुल सत्तार (38) पुत्र मोहम्मद उमर गेहूं की तौल कराने के लिए एक सप्ताह से मंडी समिति जायस के चक्कर लगा रहा था। दो मई को उसके गेहूं की तौल होनी थी। वह एक मई को ही ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गेहूं लादकर तौल कराने केंद्र पहुंच गया था। रात में वह केंद्र पर ही रुकता था। बुधवार रात हुई बारिश में अब्दुल भीग भी गया था, लेकिन गेहूं तौल कराने के चक्कर में वह घर नहीं गया और केंद्र पर ही रुक गया। लेकिन तीन मई को भी उसके गेहूं की तौल नहीं हो पाई थी। शुक्रवार सुबह इसी सदमे में उसकी मौत हो गई। उधर, सूचना पर जायस कोतवाल रवींद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। मृतक किसान की मां साकिरा का आरोप है कि केंद्र प्रभारी की लापरवाही के चलते उसके बेटे की मौत हुई है। तौल हो जाती तो शायद यह न होता। जायस कोतवाल का कहना है कि दिल का दौरा पड़ने से किसान की मौत होना प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वजह स्पष्ट हो सकेगी।
विज्ञापन
गेहूं की तौल न होने पर किसान की सदमे में मौत होने की जानकारी हुई है। इस मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
गिरजेश चौधरी, एसडीएम, तिलोई
....
अब्दुल सत्तार का नाम सूची में रजिस्टर्ड नहीं था। किसान की मौत की जानकारी होने पर रजिस्टर चेक कराया गया था। क्रय केंद्र पर आने वाले किसानों को तय समय पर गेहूं तौला जाता है।
अरुणा सिंह, केंद्र प्रभारी