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36 सौ किसानों का नहीं माफ हो सका कर्ज
Updated Tue, 09 Jan 2018 09:49 PM IST
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बहराइच। योगी सरकार ने किसानों को कर्ज से राहत देने के लिए फसली ऋण मोचन योजना शुरू की थी। फसली ऋण मोचन योजना के तहत विभिन्न बैंकों से 1 लाख 18 हजार किसानों की सूची उपलब्ध कराई गई थी।
लेकिन नियमों में उलझकर 35 हजार 830 किसानों को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल सका। इनमें फसली ऋण का नवीनीकरण कराने वाले 18 हजार किसान भी शामिल हैं। महज 83 हजार किसानों का ही कर्ज माफ हो सका है।
बहराइच जनपद के 28 बैंकों से फसली ऋण लेने वाले एक लाख 18 हजार 975 किसानों की सूची बनाई गई थी। जिनके एक लाख रुपये तक कर्ज माफ किए जाने थे।
इन किसानों का 677 करोड़ रुपये कर्ज माफ होना था। सितंबर माह से किसानों की कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। जनपद में छह तहसीलों में शिविर लगाकर अब तक 83145 किसानों को 557 करोड़ रुपये की कर्जमाफी के प्रमाण पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
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3300 किसानों को मिल सकती राहत
जिले में कॉमर्शियल बैंकों से ऋण लेने वाले एनपीए खाते के 3300 किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। शासन स्तर पर नियम है कि सरकार एनपीए खाते का 75 प्रतिशत जमा करेगी। जबकि बैंकों को 25 प्रतिशत पैसा माफ करना होगा। शासन स्तर पर इस संबंध में विचार चल रहा है।
कोऑपरेटिव बैंक के 13300 किसान फंसे
जिला सहकारी बैंक और उसकी अन्य शाखाओं से 13 हजार 300 किसानों ने खेती के लिए पांच से दस हजार के ऋण ले रखे थे। जिले में कोऑपरेटिव बैंक का संचालन लगभग नहीं के बराबर होने के कारण इनका कर्ज फंस गया है। इन किसानों को कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
यह फंसे पेंच
- 31 मार्च 2016 के बाद पुराने कर्ज को जमा कर रिनीवल कराने वाले 18 हजार किसान।
- पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसान।
- एनपीए खाता होने वाले किसान।
550 शिकायतें मिलीं
फसली ऋण मोचन योजना के तहत जनपद के चयनित किसानों के कर्जमाफ नहीं होने को लेकर पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। अभी तक 550 शिकायतें मिल चुकी हैं। इनके निस्तारण की कार्रवाई की जा रही है।
- रामशिष्ट, जिला कृषि अधिकारी, बहराइच
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लेकिन नियमों में उलझकर 35 हजार 830 किसानों को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल सका। इनमें फसली ऋण का नवीनीकरण कराने वाले 18 हजार किसान भी शामिल हैं। महज 83 हजार किसानों का ही कर्ज माफ हो सका है।
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बहराइच जनपद के 28 बैंकों से फसली ऋण लेने वाले एक लाख 18 हजार 975 किसानों की सूची बनाई गई थी। जिनके एक लाख रुपये तक कर्ज माफ किए जाने थे।
इन किसानों का 677 करोड़ रुपये कर्ज माफ होना था। सितंबर माह से किसानों की कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। जनपद में छह तहसीलों में शिविर लगाकर अब तक 83145 किसानों को 557 करोड़ रुपये की कर्जमाफी के प्रमाण पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
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3300 किसानों को मिल सकती राहत
जिले में कॉमर्शियल बैंकों से ऋण लेने वाले एनपीए खाते के 3300 किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। शासन स्तर पर नियम है कि सरकार एनपीए खाते का 75 प्रतिशत जमा करेगी। जबकि बैंकों को 25 प्रतिशत पैसा माफ करना होगा। शासन स्तर पर इस संबंध में विचार चल रहा है।
कोऑपरेटिव बैंक के 13300 किसान फंसे
जिला सहकारी बैंक और उसकी अन्य शाखाओं से 13 हजार 300 किसानों ने खेती के लिए पांच से दस हजार के ऋण ले रखे थे। जिले में कोऑपरेटिव बैंक का संचालन लगभग नहीं के बराबर होने के कारण इनका कर्ज फंस गया है। इन किसानों को कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
यह फंसे पेंच
- 31 मार्च 2016 के बाद पुराने कर्ज को जमा कर रिनीवल कराने वाले 18 हजार किसान।
- पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसान।
- एनपीए खाता होने वाले किसान।
550 शिकायतें मिलीं
फसली ऋण मोचन योजना के तहत जनपद के चयनित किसानों के कर्जमाफ नहीं होने को लेकर पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। अभी तक 550 शिकायतें मिल चुकी हैं। इनके निस्तारण की कार्रवाई की जा रही है।
- रामशिष्ट, जिला कृषि अधिकारी, बहराइच