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निमोनिया व डायरिया से तीन मासूमों की मौत
Updated Mon, 20 Nov 2017 11:35 PM IST
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बहराइच। तराई में मौसम बदलाव के साथ ही निमोनिया और डायरिया कहर बरपाने लगे हैं। जिला अस्पताल में निमोनिया और डायरिया से पीड़ित तीन रोगियों की सोमवार को मौत हो गई। इनमें दो रोगी गंभीर हालत में दो दिन से भर्ती थे। जबकि एक रोगी को भी सुबह परिवारीजन अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी सांसें थम गई। वहीं और 18 मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।
तराई में मौसम तेजी से बदल रहा है। रात में ठंड और कोहरे के साथ दिन में निकल रही तेज धूप संक्रामक रोगों का संवाहक बन रही है। इस कारण बुखार के साथ ही डायरिया व निमोनिया नन्हें-मुन्ने बच्चों को चपेट में ले रहे हैं। अधिकांश 12 वर्ष के बच्चे तेजी से बीमार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में रविवार को चौक निवासी निवासी देवांश (2) पुत्र सुनील को बुखार व उल्टी-दस्त की शिकायत पर जिला अस्पताल मेुंभर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक उसे डायरिया के साथ निमोनिया की शिकायत थी। वहीं सिरसिया निवासी रघुवीर (एक) को निमोनिया और बुखार की शिकायत पर परिवारीजन लेकर सोमवार सुबह जिला अस्पताल आए। लेकिन यहां इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। बच्चा तीन दिन से बीमार था। परिवारीजन स्थानीय डॉक्टरों से इलाज करा रहे थे। वहीं बुखार से पीड़ित हरदी के खम्हरिया निवासी अनीस के नवजात पुत्र की भी जिला अस्पताल के पीआईसीयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर लौट गए। वहीं 18 और रोगी भर्ती हुए हैं। यह सभी बुखार व उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। इनमें अयान (2) और संजीव (एक) की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें पीआईसीयू में रेफर किया है।
निमोनिया व डायरिया के लक्षण-
बुखार के साथ उल्टी सांस चलना
मिचली के साथ दस्त आना
पेट में तेज दर्द और शरीर मेें ऐंठन का एहसास होना
भूख न लगना, बदहजमी बने रहना
बचाव के उपाय-
घर को स्वच्छ रखें
बच्चों को बासी खाना न खाने दें
रात में सोते समय खुला न छोड़ें
मिचली या उल्टी दस्त का एहसास होने पर शिकंजी का घोल पिलाएं
समय से उचित डॉक्टर से इलाज शुरू करें
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तराई में मौसम तेजी से बदल रहा है। रात में ठंड और कोहरे के साथ दिन में निकल रही तेज धूप संक्रामक रोगों का संवाहक बन रही है। इस कारण बुखार के साथ ही डायरिया व निमोनिया नन्हें-मुन्ने बच्चों को चपेट में ले रहे हैं। अधिकांश 12 वर्ष के बच्चे तेजी से बीमार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में रविवार को चौक निवासी निवासी देवांश (2) पुत्र सुनील को बुखार व उल्टी-दस्त की शिकायत पर जिला अस्पताल मेुंभर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक उसे डायरिया के साथ निमोनिया की शिकायत थी। वहीं सिरसिया निवासी रघुवीर (एक) को निमोनिया और बुखार की शिकायत पर परिवारीजन लेकर सोमवार सुबह जिला अस्पताल आए। लेकिन यहां इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। बच्चा तीन दिन से बीमार था। परिवारीजन स्थानीय डॉक्टरों से इलाज करा रहे थे। वहीं बुखार से पीड़ित हरदी के खम्हरिया निवासी अनीस के नवजात पुत्र की भी जिला अस्पताल के पीआईसीयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर लौट गए। वहीं 18 और रोगी भर्ती हुए हैं। यह सभी बुखार व उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। इनमें अयान (2) और संजीव (एक) की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें पीआईसीयू में रेफर किया है।
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निमोनिया व डायरिया के लक्षण-
बुखार के साथ उल्टी सांस चलना
मिचली के साथ दस्त आना
पेट में तेज दर्द और शरीर मेें ऐंठन का एहसास होना
भूख न लगना, बदहजमी बने रहना
बचाव के उपाय-
घर को स्वच्छ रखें
बच्चों को बासी खाना न खाने दें
रात में सोते समय खुला न छोड़ें
मिचली या उल्टी दस्त का एहसास होने पर शिकंजी का घोल पिलाएं
समय से उचित डॉक्टर से इलाज शुरू करें