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सुल्तानपुर रोड पर 4000 एकड़ की टाउनशिप लाएगा एलडीए
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वीसी ने दी सहमति, लैंडपूलिंग में एलडीए करेगा काम
सुल्तानपुर रोड पर एलडीए 4000 एकड़ की नई टाउनशिप लाएगा। यह जमीन सहारा से खाली हुई जमीन के अलावा प्राधिकरण को मिल रही है। किसानों से शुरुआती सहमति मिलने के बाद अब लैंडपूलिंग में जमीन अधिग्रहण की कवायद शुरू होगी। शुक्रवार को खुद किसान प्रतिनिधि वीसी अभिषेक प्रकाश से मिलने पहुंचे। वीसी के आदेश पर किसानों के बीच पंचायतें शुरू कर एलडीए लैंडपूलिंग पर सहमति लेना शुरू करेगा।
मसूद हॉल में आठ गांवों के किसान प्रतिनिधियों से वीसी ने खुद बात की। इस दौरान वीसी और मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने लैंडपूलिंग पॉलिसी और किसानों को होने वाले फायदों की जानकारी दी। वीसी ने बताया कि किसानों को जो 25 प्रतिशत जमीन दी जाएगी, वह खेतिहर के रूप में नहीं होगी। 25 फीसदी के बराबर क्षेत्रफल की जमीन विकसित भूखंड के रूप में एलडीए किसानों को देगा। जिस जगह किसान से जमीन ली जाएगी, उसके आसपास ही उसे विकसित जमीन मिलेगी। वहीं, इस बीच लैंडपूलिंग पॉलिसी में सरकार कोई संशोधन करती है तो उसका लाभ भी किसानों को दिया जाएगा।
80 हजार परिवारों को मिलेगा घर
वीसी ने बताया कि इस टाउनशिप का विकास करने के बाद एलडीए करीब 80 हजार परिवारों को आशियाना बनाने के लिए भूखंड देगा। हमने तय किया है कि जल्दी लैंडपूलिंग पर सहमति लेकर विकास कार्य शुरू किए जाएं। इसके लिए जिला प्रशासन और एलडीए की संयुक्त टीम काम करेगी।
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सहारा टाउनशिप से अलग मिल रही जमीन
वीसी ने बताया कि यह चार हजार एकड़ जमीन सहारा की हाईटेक टाउनशिप से खाली दो हजार एकड़ जमीन से अलग है। ऐसे में कुल छह हजार एकड़ से अधिक इलाका हम विकसित करेंगे। बताया कि जो चार हजार एकड़ जमीन मिल रही है, वह मलूकपुर, चौरहिया, बाजूपुर, ढ़कवा सहित आठ गांवों में है।
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सुल्तानपुर रोड पर एलडीए 4000 एकड़ की नई टाउनशिप लाएगा। यह जमीन सहारा से खाली हुई जमीन के अलावा प्राधिकरण को मिल रही है। किसानों से शुरुआती सहमति मिलने के बाद अब लैंडपूलिंग में जमीन अधिग्रहण की कवायद शुरू होगी। शुक्रवार को खुद किसान प्रतिनिधि वीसी अभिषेक प्रकाश से मिलने पहुंचे। वीसी के आदेश पर किसानों के बीच पंचायतें शुरू कर एलडीए लैंडपूलिंग पर सहमति लेना शुरू करेगा।
मसूद हॉल में आठ गांवों के किसान प्रतिनिधियों से वीसी ने खुद बात की। इस दौरान वीसी और मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने लैंडपूलिंग पॉलिसी और किसानों को होने वाले फायदों की जानकारी दी। वीसी ने बताया कि किसानों को जो 25 प्रतिशत जमीन दी जाएगी, वह खेतिहर के रूप में नहीं होगी। 25 फीसदी के बराबर क्षेत्रफल की जमीन विकसित भूखंड के रूप में एलडीए किसानों को देगा। जिस जगह किसान से जमीन ली जाएगी, उसके आसपास ही उसे विकसित जमीन मिलेगी। वहीं, इस बीच लैंडपूलिंग पॉलिसी में सरकार कोई संशोधन करती है तो उसका लाभ भी किसानों को दिया जाएगा।
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80 हजार परिवारों को मिलेगा घर
वीसी ने बताया कि इस टाउनशिप का विकास करने के बाद एलडीए करीब 80 हजार परिवारों को आशियाना बनाने के लिए भूखंड देगा। हमने तय किया है कि जल्दी लैंडपूलिंग पर सहमति लेकर विकास कार्य शुरू किए जाएं। इसके लिए जिला प्रशासन और एलडीए की संयुक्त टीम काम करेगी।
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सहारा टाउनशिप से अलग मिल रही जमीन
वीसी ने बताया कि यह चार हजार एकड़ जमीन सहारा की हाईटेक टाउनशिप से खाली दो हजार एकड़ जमीन से अलग है। ऐसे में कुल छह हजार एकड़ से अधिक इलाका हम विकसित करेंगे। बताया कि जो चार हजार एकड़ जमीन मिल रही है, वह मलूकपुर, चौरहिया, बाजूपुर, ढ़कवा सहित आठ गांवों में है।