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Deepotsav: अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां जोरों पर, चार लाख दीये तैयार, 38 घाटों पर जगमगाएंगे 16 लाख दीये
Mon, 03 Oct 2022 05:28 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 03 Oct 2022 05:28 PM IST
सार
दीपोत्सव पर अयोध्या के 38 घाटों पर 16 लाख दीये जलाए जाएंगे। इसके लिए चार लाख दियों का इंतजाम कर लिया गया है।
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तैयार किए गए दिये व नोडल अधिकारी अजय प्रताप सिंह।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
अयोध्या में 21 से 23 अक्तूबर को होने वाले दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर है। प्रशासन आयोजन को यादगार बनाने के लिए लगातार तैयारी कर रहा है। इस बार के दीपोत्सव में रामनगरी को 16 लाख दीयों से जगमगाने का लक्ष्य रखा गया है।
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आयोजन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए अजय प्रताप सिंह ने बताया कि दीपोत्सव पर कुल 16 लाख दीये जलाए जाएंगे। अभी तक हमने करीब 4 लाख दीयों का इंतजाम कर लिया है। 18 हजार वॉलंटियर्स दीये जलाएंगे जिनमें से करीब 2000 शिक्षक हैं। अयोध्या के कुल 38 घाटों पर दीपोत्सव होगा।
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दीपोत्सव पर कुल 16 लाख दीये जलाए जाएंगे। अभी तक हमने करीब 4 लाख दीयों का इंतजाम कर लिया है। 18 हजार वॉलंटियर्स दीये जलाएंगे जिनमें से करीब 2000 शिक्षक हैं। अयोध्या के कुल 38 घाटों पर दीपोत्सव होगा: अजय प्रताप सिंह, नोडल अधिकारी, दीपोत्सव, अयोध्या, उत्तर प्रदेश pic.twitter.com/hFRBaGUXTt
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 3, 2022
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दीपोत्सव के लिए रामजन्मभूमि परिसर को सजाने का काम रविवार से शुरू हो गया है। इस बार दीपोत्सव में रामजन्मभूमि की भव्यता आकर्षण का केंद्र होगी। देश की प्रमुख लोक कलाओं के दर्शन भी यहां होंगे। अवधी, वरली, मधुबनी, मिथिला की चित्रकारी से रामजन्मभूमि के गर्भगृह की भव्यता में और इजाफा होगा।
इसी क्रम में सरयू तट पर लता मंगेशकर चौक का भी लोकार्पण 27 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। रामजन्मभूमि परिसर को भी अलौकिक रूप देने की कवायद रविवार को शुरू हो गई है। इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी आशीष मिश्र को सौंपी गई है। आशीष ने बताया कि राममंदिर के अस्थायी गर्भगृह में इस बार भारतीय लोक कलाओं के भी दर्शन होंगे।