सलमान खान से मिलने मुंबई भाग गए थे यूपी के बच्चे
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उत्तर प्रदेश से लापता 39 बच्चों को लेकर मुंबई पुलिस की टीम रविवार रात लखनऊ पहुंची। इनमें से कुछ बच्चे लापता होने के बाद भटकते हुए मुंबई पहुंच गए थे तो कुछ मानव तस्करों के हत्थे चढ़कर।
सूबे के 22 जिलों से ताल्लुक रखने वाले ये बच्चे वहां होटलों में बर्तन मांजकर और दूसरे काम करने को मजबूर थे। इन बच्चों में से अधिकतर बलरामपुर, गोंडा, बहराइच, सीतापुर, पीलीभीत, कुशीनगर और नेपाल सीमा से सटे जिलों के हैं।
इन बच्चों को मुंबई के एक गैर सरकारी संगठन ने वहां की बाल कल्याण समिति व पुलिस के सहयोग से मुश्किल हालात से निकाला और लखनऊ चाइल्ड लाइन के जरिये यहां भेजा।
ट्रेन संख्या 19021 बांद्रा-लखनऊ से चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद इन बच्चों को मोहान रोड स्थित राजकीय बाल गृह (किशोर) ले जाया गया। इस दौरान लखनऊ बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य अंशुमाली शर्मा सहित चाइल्ड लाइन के कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
मुंबई पुलिस के अनुसार, इनमें 15 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट यूपी के थानों में दर्ज है। मुंबई में काम कर रहे एनजीओ माय होम इंडिया ने ‘सपनों से अपनों तक’ अभियान के तहत यूपी में इन बच्चों के घरों का पता लगवाया और लखनऊ पहुंचाया।
जिगर के टुकड़े की तलाश में मुंबई तक गए घर वाले
कुछ बच्चों के परिवारीजनों को मुंबई से ही बच्चों के वहां होने की सूचना दी गई थी। इस पर वे मुंबई पहुंच गए और उसी ट्रेन से लखनऊ आए जिनमें बच्चे आए थे। ऐसे ही एक बच्चे के पिता गोंडा के अमानत ने बताया कि 1 मई को उनका बच्चा लापता हुआ था।
वे बहुत परेशान हैं और जल्द से जल्द बच्चे की वापसी चाहते हैं। वहीं बहराइच के मस्तकीम अहमद ने बताया कि उनका भी बच्चा घर से लड़कर भाग गया था। उसके बिना घर सूना लगता है। वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द बच्चा वापस मिल जाए।
बलरामपुर का 12 साल का इरशाद मुंबई देखने के लिए घर से निकला था। बसों-ट्रेनों में धक्का खाता हुआ वह 10 अप्रैल को मुंबई पहुंचा, लेकिन तब तक उसे समझ आ चुका था कि वह मुश्किल में फंस चुका है। पेट भरने के लिए वह एक होटल में काम करने लगा।
एक अन्य बच्चा राजा बाबू कुशीनगर से घर से लड़कर भागा था। मुंबई ही क्यों गए, पूछने पर बोला-सलमान खान से मिलने गया था। कुछ ऐसा ही जवाब सज्जाद का भी था, जो बहराइच से मुंबई के लिए निकला था।