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अधिकारी व मंत्री का करीबी बता ठगे 38 लाख
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लखनऊ। सचिवालय में तैनात बड़े अधिकारियों व मंत्री का करीबी बनकर एक जालसाज ने 38 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने सचिवालय में नौकरी दिलाने, जमीन का पट्टा कराने और आवास आवंटित कराने का दावा कर ठगी की थी। पीड़ित ने वजीरगंज थाने में केस दर्ज कराया है।
एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, केशवनगर निवासी राजकुमार यादव दीवानी कचहरी में वकालत करते हैं। उनके मुताबिक, वर्ष 2014 में वकील दिनेश शर्मा से मुलाकात हुई थी जिसके जरिए चिनहट निवासी राकेश शर्मा मिला था। बातचीत के दौरान राकेश ने मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से नजदीकी होने दावा कर विरामखंड-पांच में मकान आवंटित कराने का झांसा देते हुए 28 लाख रुपये लिए थे। मोहनलालगंज में जमीन का पट्टा करवाने के लिए 27 लाख लिए। इसके बाद राजकुमार की पत्नी और भतीजी की समीक्षा अधिकारी के पद पर नौकरी लगवाने की बात राकेश ने कही थी।
पीड़ित के मुताबिक, आरोपी ने करीब 65 लाख रुपये लिए थे। लेकिन कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ। राजकुमार ने रुपये वापस मांगे तो राकेश ने 27 लाख रुपये लौटाए। वहीं, बचे हुए 38 लाख रुपये देने से मना कर दिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने पीडब्ल्यूडी इंजीनियर के साथ भी ढाई लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। इसकी जानकारी उन्हें बाद में लगी। एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, राजकुमार की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, केशवनगर निवासी राजकुमार यादव दीवानी कचहरी में वकालत करते हैं। उनके मुताबिक, वर्ष 2014 में वकील दिनेश शर्मा से मुलाकात हुई थी जिसके जरिए चिनहट निवासी राकेश शर्मा मिला था। बातचीत के दौरान राकेश ने मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से नजदीकी होने दावा कर विरामखंड-पांच में मकान आवंटित कराने का झांसा देते हुए 28 लाख रुपये लिए थे। मोहनलालगंज में जमीन का पट्टा करवाने के लिए 27 लाख लिए। इसके बाद राजकुमार की पत्नी और भतीजी की समीक्षा अधिकारी के पद पर नौकरी लगवाने की बात राकेश ने कही थी।
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पीड़ित के मुताबिक, आरोपी ने करीब 65 लाख रुपये लिए थे। लेकिन कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ। राजकुमार ने रुपये वापस मांगे तो राकेश ने 27 लाख रुपये लौटाए। वहीं, बचे हुए 38 लाख रुपये देने से मना कर दिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने पीडब्ल्यूडी इंजीनियर के साथ भी ढाई लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। इसकी जानकारी उन्हें बाद में लगी। एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, राजकुमार की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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